अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बंदूकों के साये में चढ़ा क्रिकेट का बुखार

राशिद खान अरमानी, क्रिकेटर

उन दिनों अफगानिस्तान में तालिबान और हुकूमत के बीच जंग चरम पर थी। खून-खराबे में रोजाना लोग मारे जा रहे थे। हजारों लोग पलायन करने को मजबूर हुए। यह साल 2001 की बात है। हालात कुछ ऐसे बिगड़े कि राशिद के परिवार को जान बचाने के लिए पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में शरण लेनी पड़ी। तब वह महज तीन साल के थे। उनका बचपन शरणार्थी कैंप में बीता। 

शरणार्थी कैंप में सैकड़ों परिवार रहते थे। सुविधाओं के लिहाज से हालात बहुत अच्छे नहीं थे, मगर जान बचाने के लिए वहां रहना मजबूरी थी। बड़े से शरणार्थी कैंप में लोगों ने जरूरत के हिसाब से अपने छोटे-छोटे घर बना रखे थे। उनमें से एक घर में टेलीविजन था। राशिद अक्सर अम्मी को बिना बताए उस घर में जाकर टीवी देखा करते थे। तब वह छह साल के थे। आम दिनों में तो केवल बच्चे ही टीवी देखने आते थे वहां, पर जब क्रिकेट मैच होता,  तो बड़े भी जमा हो जाते थे। यहीं पर पहली बार राशिद ने क्रिकेट मैच देखा। पहले तो समझ में नहीं आया कि क्या हो रहा है, लेकिन लोगों को चीखते-चिल्लाते और तालियां बजाते देखा, तो यकीन हो गया कि यह 
मजेदार खेल है। 
धीरे-धीरे वह भी क्रिकेट के दीवाने हो गए। फिर पड़ोस के बच्चों ने किसी तरह गेंद और बल्ले का इंतजाम किया। बड़े भाई जलील भी उनके संग खेला करते थे। उन दिनों क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और शाहिद अफरीदी जैसे खिलाड़ियों का जलवा था। टीवी पर उनके शॉट देखकर नकल करने की कोशिश करते थे। राशिद कहते हैं- हमने लकड़ी के पुराने पटरे से बैट तैयार किया। हमारे पास टेनिस वाली गेंद थी।  हम पर क्रिकेट का जुनून सवार था। बड़ा मजा आता था। हालांकि अम्मी को उनका खेलना बिल्कुल पसंद नहीं था। उन्हें हमेशा यह डर लगा रहता कि कहीं गेंद बेटे के चेहरे पर न लग जाए। वह चाहती थीं कि राशिद पढ़-लिखकर डॉक्टर बनें। उन्होंने बेटे को बहुत समझाया कि वह क्रिकेट छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान दे, मगर राशिद कहां सुनने वाले थे? 

करीब आठ साल तक वे लोग पाकिस्तान में रहे। इसके बाद अब्बा और बड़े भाइयों ने तय किया कि वतन लौटा जाए। कब तक दूसरे मुल्क में रहेंगे? परिवार अफगानिस्तान लौट आया। वे राजधानी काबुल से करीब साठ किमी दूर जलालाबाद शहर में रहने लगे। परिवार में दस भाई-बहन थे। अब्बा टायर की दुकान चलाते थे। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। परिवार चलाना मुश्किल था। बडे़ भाई अब्बा की मदद करने लगे। देश के हालात अब तक नहीं सुधरे थे। आतंकी हमले और खून-खराबा जारी था। इन दुश्वारियों के बीच ही राशिद दोबारा स्कूल जाने लगे। पढ़ाई के साथ क्रिकेट भी खेलते रहे। स्कूल में सब कहते थे कि यह लड़का बहुत अच्छा क्रिकेटर बनेगा। बड़े भाई को भी यकीन था कि अगर राशिद को ट्र्रेंनग मिले, तो वह बढ़िया क्रिकेटर बन सकता है। उन्होंने छोटे भाई का मनोबल बढ़ाया। एक दिन वह उन्हें स्थानीय कोच हस्ती गुल के पास ले गए। राशिद कहते हैं- बड़े भाई ने बहुत मदद की।  

साल 2012 में अंडर-19 टीम के कोच दौलत खान की देखरेख में उनकी ट्र्रेंनग शुरू हुई। इस बीच भाई की सलाह पर वह प्रैक्टिस के लिए नानगरहर क्रिकेट एकेडमी जाने लगे। एकेडमी घर से करीब 30 किलोमीटर दूर थी। राशिद रोज इतनी दूर पैदल जाते थे। एकेडमी के कोच ने एक दिन उन्हें गेंदबाजी करते देखा। तब उन्हें पता चला कि यह लड़का ऑल राउंडर है। राशिद गेंदबाजी के साथ अच्छी र्बैंटग भी करते थे। 2015 उनके लिए बड़ी कामयाबी लेकर आया। उस साल अफगानिस्तान को जिंबाब्वे के लिए टीम चुननी थी। कोच दौलत खान ने राशिद को टीम में शामिल करने की सिफारिश की। ट्रायल के लिए राशिद से गेंदबाजी कराई गई। हेड कोच उनकी गेंदबाजी देखकर दंग रह गए। उन्हें टीम में शामिल कर लिया गया। तब वह 17 साल के थे। इसके बाद उन्हें 2016 में बांग्लादेश टी-20 लीग में खेलने का मौका मिला। 2017 में वह आयरलैंड के साथ टी-20 मैच में खेले। वहां भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। अब वह पूरे अफगानिस्तान में मशहूर हो चुके थे। राशिद कहते हैं- मां बहुत खुश थीं। पर डरती थीं कि कहीं कामयाबी की चकाचौंध मुझे बिगाड़ न दे। वह अक्सर समझाती थीं- बेटा, हमेशा अपने पांव जमीन पर रखना।  

पिछले साल आईपीएल में उनकी एंट्री हुई। सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें चार करोड़ में खरीदा। आईपीएल में राशिद उस वक्त चर्चा में आए, जब उन्होंने केकेआर के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर मैच में 10 गेंदों पर 34 रनों की शानदार पारी खेली। उस मैच में उन्होंने तीन विकेट भी चटकाए। तेंदुलकर ने उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर बताया। इस साल वह अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर आईसीसी वन डे रैंकिंग में नंबर एक खिलाड़ी बन गए। वह दुनिया के सबसे कम उम्र के क्रिकेटर हैं, जिन्हें यह तमगा हासिल हुआ है। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने राशिद को अफगानिस्तान का हीरो बताया। प्रस्तुति: मीना त्रिवेदी

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:cricketer Rashid Khan Armani article in hindustan on 03 may