जीना इसी का नाम है खबरें

sujan chomba

मां से मेहनत करना सीखा, कुदरत से सहनशीलता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस से लेकर दुनिया भर के पर्यावरणविद् लगातार कह रहे हैं कि कुदरत हमसे कुछ कह रही है, उसको सुनिए; मौसम विज्ञानी आंकडे़ पेश कर रहे हैं कि पिछले बारह महीने दर्ज...

Sat, 15 Jun 2024 10:15 PM
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आपके पास नजर हो, तो गधे भी किसी नेमत से कम नहीं

कुदरत ने इस धरती पर जितने भी जीव पैदा किए हैं, उसने उनमें उनकी उपयोगिता भी सहेजी है। यह हम इंसानों की कमी है, जो उनकी अहमियत को देख नहीं पाए और किसी जीव को पूजने लगे, किसी से खौफजदा हुए, तो कोई...

Sat, 08 Jun 2024 08:40 PM
sandhya nayar

उन्होंने मुझे कभी ‘संध्या’ की तरह नहीं देखा

संध्या के पास आज ‘सफेदपोश नौकरी’ के अवसरों की कोई कमी नहीं, मगर वह बदलाव की प्रेरणा बनकर न सिर्फ कमाठीपुरा जैसी बदनाम बस्तियों की बेटियों को, बल्कि दुनिया भर की रेडलाइट एरिया की लड़कियों को अपने भीतर..

Sat, 01 Jun 2024 09:22 PM
chhavi

जमीनी बदलाव की वह राह जो राजावत ने दिखाई

अपने गांव से कैसा प्रेम होना चाहिए, छवि ने अपने फौजी दादा से यह सीखा था। सेना में ऊंचे ओहदे से रिटायर होने के बाद ब्रिगेडियर साहब चाहते, तो जयपुर मेें एक पुरसुकून जिंदगी गुजार सकते थे, मगर उन्होंने...

Sat, 25 May 2024 11:35 PM
ujenio lemos

सेहतमंद बागवानी की राह दिखाता अनोखा गायक

राजधानी आकर लगा, जैसे कोई तवील रात गुजरी है, मगर दुखों का सिलसिला अब भी नहीं थमा था। छोटा भाई आहार में हुए बदलाव के कारण डायरिया का शिकार हो गया। अब इससे दर्दनाक बचपन और क्या होगा? छह साल की उम्र...

Sat, 18 May 2024 09:56 PM
kenedy odede

अफ्रीका के सबसे बड़े स्लम में हीरे तराशता एक जौहरी

महानगरों के भूगोल के साथ-साथ लोकतांत्रिक चेतना के विस्तार ने आज भले उनको बीचोबीच समेटने को मजबूर किया हो, पर तथाकथित भद्र समाज ने तो उनके लिए हमेशा हाशिये का टुकड़ा ही तय किया और उसे नाम दिया- स्लम...

Sat, 11 May 2024 08:53 PM
bhavesh

सिर्फ सरकारी नौकरियां बेरोजगारी का हल नहीं

हिन्दुस्तान नौजवानों का देश है। इसकी 65 फीसदी से अधिक आबादी की उम्र 35 साल से कम है। ऐसे में, रोजगार देश का सबसे अहम मुद्दा होना चाहिए और है भी। ‘सेंटर फॉर दी स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज’, यानी...

Sat, 04 May 2024 09:06 PM
pradeep sethi

दुख अगर सबको मांजता है, तो इस डॉक्टर सा मांजे

जीवन में एक मोड़ ऐसा भी आया, जब सारी कोशिशों के बावजूद चीजें मुश्किल होने लगीं और बात उनकी झोंपड़ी से निकलकर गांव के चबूतरे पर आ गई। तब गांव के कुछ समर्थ लोगों ने बड़प्पन दिखाया और वजीफे के तौर पर...

Sun, 28 Apr 2024 12:46 AM
motata ajaija

जंग के मैदान से शोहरत की बुलंदी पर पहुंचा फलस्तीनी

इजरायल के उस हवाई हमले में परिवार के 15 सदस्य मारे गए थे, मगर 107 दिनों तक  वह गाजा की जमीनी हकीकत दुनिया के सामने लाते रहे। इजरायली हमले की आलोचना करते हुए भी मोटाज ने इस बात का पूरा खयाल रखा कि उनके

Sat, 20 Apr 2024 09:48 PM
sania nishtar

पाकिस्तान को एक अलग पहचान देती सानिया

पिता अक्सर उनसे कहा करते- ‘बेटी, इंसान की जिंदगी ऐसी होनी चाहिए, जो दूसरे के जीवन में कुछ फर्क ला सके। जो आपसे कम खुशकिस्मत लोग हैं, उनकी मदद करना और उन्हें अपने काम से आराम व सुकून देना ऊपर वाले...

Sat, 13 Apr 2024 08:38 PM
santosh shah

लजीज व्यंजनों के जरिये देशसेवा की मिसाल

चाह पैदा हो चुकी थी, तो राहें भी खुलीं। साथी साथ देते गए। संतोष ने न सिर्फ अंग्रेजी सीखी, कंप्यूटर चलाना सीखा, बल्कि अगले सात वर्षों में उनके हाथों  में ‘डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट’ का प्रमाणपत्र भी..

Sat, 06 Apr 2024 09:33 PM
mandira barua

असम की बेबस बेटियों को बहादुर बनाती मंदिरा

पति ने तो मंदिरा को फैसला करने की आजादी दे दी थी, पर क्या उनके लिए निर्णय लेना आसान था? एक ऐसे समाज में, जहां बेटी की शिक्षा से ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी उसकी शादी हो; बेटियों को बचपन से कठोर निर्णय की...

Sat, 30 Mar 2024 10:32 PM
raju nepali

इंसानियत कहां मानती है सरहदों की मजबूरियां

भारत-नेपाल के 1,500 से भी अधिक महिलाओं और बच्चों को मानव तस्करों व अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने में कामयाब रहे राजू को कई सम्मानों से नवाजा गया है। मगर राजू की रूह को सुकून तब मिलता है, जब वर्षों से ब

Sat, 23 Mar 2024 10:13 PM
sahan veer abrol

जरूरतमंदों को कपड़ा बांटने की मुहिम से जुटा नौजवान

साजन और उनके साथी इस कार्य के जरिये देश में सांप्रदायिक-सामाजिक भाईचारे को भी बढ़ावा दे रहे हैं। किसी हिंदू मां या बहन की साड़ी किसी गैर-हिंदू गरीब के काम आ रही है, तो किसी मुस्लिम, सिख या ईसाई के...

Sat, 16 Mar 2024 09:51 PM
khalida brohi

काश! हर कबीले को एक खालिदा मिल जाती

ऑनर किलिंग का अपराध एकदम थम तो नहीं गया, पर जनजातीय समाजों में बदलाव की बयार बह चली है। खालिदा अब अमेरिका के तीन शहरों में व्यावसायिक केंद्र खोल चुकी हैं। इनसे होने वाली कमाई का आधा हिस्सा पाकिस्तान क

Sat, 09 Mar 2024 10:43 PM
osei

किसी की जान बचाने से बेहतर काम क्या होगा

घाना के सुदूर ग्रामीण इलाकों में अपनी मेडिकल टीम के साथ पहुंचे ओसेई को यह बात शिद्दत से महसूस हुई कि एक ऐसे समाज के लोगों को, जो अगर दिन भर हाड़तोड़ मेहनत न करें, तो रात फाकाकशी में गुजारनी पड़े...

Sat, 02 Mar 2024 11:13 PM
pashtana duranni

तालीम के लिए तालिबान से लोहा लेती जांबाज

अपने पुरखों की माटी को चूमने की खुशी ही अनूठी होती है। मगर कंधार लौटने की पहली ही रात जिस सच से पश्ताना का सामना हुआ, उसने सारी खुशियों पर तुषारापात कर दिया। खानदान की लड़कियां जब मिलीं, तो यह...

Sat, 24 Feb 2024 10:41 PM
shankar baba papalkar

दिव्यांगों का ख्याल रखने को दिव्य दृष्टि भी चाहिए

पापलकर अच्छी तरह जानते थे कि एक बार जिस बच्चे को उसके अपनों ने त्याग दिया, वह पूरी उम्र लावारिस ही रहता है। ऐसे में, 18 साल के बाद अनाथालयों से निकलने को मजबूर लड़कियां प्राय: दोजख में पहुंच जाती...

Sat, 17 Feb 2024 09:29 PM
somanna

शहद की मिठास जानता हूं, पद्मश्री का स्वाद नहीं पता

वह चौथी जमात से आगे न पढ़ सके, क्योंकि गरीबी ने इसकी इजाजत नहीं दी। माता-पिता के लिए एक शाम का भोजन जुटाने की खातिर उन्हें अपने गांव में लोगों की गौशालाएं साफ करनी पड़ती थीं। सोमन्ना उस उम्र में बंधुआ..

Sat, 10 Feb 2024 09:34 PM
inas

हैवानियत से छिड़ी लड़ाई में मजलूमों की एक आवाज

जब कोई इंसान हैवान बन जाता है, तो यौन हिंसा उसका सबसे आसान हथियार होती है। उत्तरी अफ्रीकी देश सूडान भी इसका भुक्तभोगी है। भले ही 1956 में यह मुल्क अहिंसक तरीके से ब्रिटिश साम्राज्यवाद से मुक्त हुआ...

Sat, 03 Feb 2024 10:48 PM