मेरी कहानी खबरें

benjamin spak

बच्चे पालना केवल मां का काम नहीं

दिव्यांगों की दुनिया का नक्शा भला किसने खींचा है? इंसानी दुनिया में इतने करुण नक्शों की भला क्या जरूरत थी? आज इमारतों, रेल, सड़क, घर, उद्यान के नक्शे गढ़ने से ज्यादा जरूरी शायद मानवीयता, सेवाओं...

Sat, 15 Jun 2024 10:22 PM
default image

अपने देश को चाहिए ऐसी ही वीर बेटियां

वहां दिसंबर की गुनगुनी ठंड में वार्षिक खेल उत्सव का उल्लास घुला था। छात्र-छात्राएं अनुशासन में करीने से बैठे थे, सब शिक्षक सजकर अपनी-अपनी जगह विराजमान थे। कटक के प्रतिष्ठित रेवेनशॉ कॉलेजिएट स्कूल...

Sat, 08 Jun 2024 08:46 PM
george fernandes

समानता की तलाश में निकली जिंदगी

वह छह लड़कों से भरा-पूरा कैथोलिक परिवार था। जॉर्ज, लॉरेंस, माइकल, पॉल अलॉयसियस और रिचर्ड, सब एक से बढ़कर एक। तब दौर ऐसा था कि दक्षिण भारत में ईसाई परिवारों का बड़ा बेटा धर्म के नाम पर भेंट कर दिया जाता..

Sat, 01 Jun 2024 09:13 PM

एक क्रिकेटर जो कभी भाग्य पर नहीं रोया

लेंस लगने से समस्या यह हो गई कि सामने से आती एक गेंद दो दिखने लगती थी। लगता था, छह-छह इंच के अंतर पर दो-दो गेंदें चली आ रही हैं। गौर किया, तो पाया कि दो गेंदों में से बाहर वाली गेंद भ्रम है और अंदर.

Sat, 25 May 2024 11:40 PM
manik bandopadhyay

आप लिखिए और छपकर दिखाइए

एक वरिष्ठ छात्र सुना रहे थे कि पत्रिकाओं के संपादक नामचीन लेखकों या अपने गुट के लेखकों के अलावा किसी का लिखा नहीं छापते हैं। नए लेखकों के लिए तो पत्रिकाओं में एक कोना भी नहीं है। बस लिखते चले जाओ...

Sat, 18 May 2024 09:44 PM
candes lightner

जब गम, गुस्से और गुहार से भरी मां

सुनकर दिल और बैठ गया था। तब दुख और रोष की गठरी बनी मां ने सबसे कहा था, उस ड्राइवर को मत छोड़ना, जिसकी वजह से मेरे आंगन ने अपनी प्यारी चिड़िया को हमेशा के लिए खो दिया, जिसने मेरे चहचहाते संसार को...

Sat, 11 May 2024 09:01 PM
irene

उन्हें मंजूर नहीं था तमाशबीन होना

दुनिया में ज्यादातर इंसान मन-हारे बैठे रहते हैं कि मुझसे कुछ नहीं हो सकता। मैं छोटा आदमी किस काम का? मेरे पास ज्यादा धन नहीं, ज्ञान नहीं, मैं क्या कर सकता हूं? कई बार तो धनी और ज्ञानी लोग भी अकेला...

Sat, 04 May 2024 09:01 PM
mrinalini sarabhai

यह बच्ची बड़ी होकर जरूर कुछ बनेगी

पिता अपने कर्म से कोई मिसाल कायम करें, तो बेटियां उस मिसाल को मशाल मानकर आगे बढ़ती हैं। पिता वही हैं, जो बेटियों के पंख और परवाज को विस्तार दें। ऐसी बेटियां खुशनसीब होती हैं, जिन्हें पिता द्वारा...

Sun, 28 Apr 2024 12:33 AM
hermann hesse

जब युद्ध में टूटकर बिखर गया मन

वैसे भी मुसीबतें खुदरा नहीं, थोक में आती हैं। पहाड़ की तरह साथ खड़े पिता जिंदगी की जंग हार गए, सगा पुत्र गंभीर बीमारी में पड़ गया और पत्नी की मानसिक दशा अपनी दिशा भटक गई। फिर तो कुछ भी न बचा, कौन...

Sat, 20 Apr 2024 09:36 PM
john

फिजूल की पिटाई से सच्ची पढ़ाई तक

वह उसी कोलंबिया विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे, जहां पढ़ने के लिए भारत से भीमराव आंबेडकर गए थे। पूरे दो साल उन्होंने आंबेडकर को अपने सान्निध्य में रखा और सिखाया कि शिक्षा ही लोकतंत्र की नींव है...

Sat, 13 Apr 2024 08:34 PM
pandit ravi shankar

सितार की सादगी से संगीत का साम्राज्य

देश भर के आला संगीतज्ञ जुटे थे। एक से बढ़कर एक सजीले। खूब चमकदार रंगीन पोशाकें और उन पर शोभित अनेक पदक। उस पर से भारी-भरकम गहनों के क्या कहने! मानो किसी राजा की बारात जा रही हो, जिसमें खूब सारे राजा आए

Sat, 06 Apr 2024 09:21 PM
octavia paz

एक दिन अचानक चले गए दादा जी

मुख्य शहर से कुछ दूर दादा जी ने घर ले रखा था; शांत, बाग-बगीचे-आंगन से भरपूर। हर जगह किताबें रहती थीं, पहरेदार की तरह और पुस्तकालय तो मानो अनमोल टकसाल था, जहां हर किसी को जाने की इजाजत नहीं थी...

Sat, 30 Mar 2024 10:26 PM
robert coch

अखबार पढ़ने लगा पांच साल का बच्चा

जर्मनी के क्लॉस्टल शहर में उस बच्चे ने जब होश संभाला, तब अपने परिवार को खूब लंबा-चौड़ा पाया। उसके दो बड़े भाई थे और उससे छोटे दस भाई-बहन। पूरे ग्यारह भाई और दो बहनें। छोटे भाइयों को बड़े भाइयों के बड़े...

Sat, 23 Mar 2024 10:07 PM
tn sheshan

जब सिर्फ पच्चीस पैसे के लिए हुई पिटाई

पैसे खर्च होने के लिए मानो मचल रहे थे और वह पहुंच गया हलवाई की दुकान पर। तब दुकान पर कम ही मिष्ठान हुआ करते थे, पर उनमें और उनके स्वाद में ज्यादा ईमानदारी हुआ करती थी। पूरे चार आने की मिठाइयां लीं...

Sat, 16 Mar 2024 08:33 PM
alexander graham bell

जब मां को कुछ भी सुनाई नहीं पड़ा

ग्राहम बेल की 1922 में मौत हुई। जब उन्हें कब्र में उतारा गया, तब उनके सम्मान में दुनिया के करीब डेढ़ करोड़ फोन कुछ देर के लिए शांत कर दिए गए। आज दुनिया में चार अरब से भी ज्यादा फोन हैं, जो ग्राहम बेल ..

Sat, 09 Mar 2024 10:29 PM
adomson

वन्यजीवों की सेवा में जी गए जिंदगी

कुछ ही दूर पर झाड़ियों और एक चट्टान के पीछे शेरनी के तीन शावक नजर आए, बेहद मासूम बेबस दुधमुंहे। अभी तो उनकी आंखें भी ढंग से नहीं खुली थीं। मां के इंतजार में थे कि मां आएगी, सहलाएगी, दुलार बरसाएगी...

Sat, 02 Mar 2024 11:18 PM
sir-don-bradman jpg  photo  cricket australia

दुनिया को ऐसे मिला क्रिकेट का जादूगर

वह बच्चों को अच्छी जगहों पर ले जाने, कुछ नया दिखाने-सिखाने का दौर था। मौका मिलते ही बच्चों को साथ लिए किसी मॉल में दिखावे का चलन नहीं आया था। ज्यादातर पिता बच्चों को किसी ऐसी जगह ले जाते थे, जहां...

Sat, 24 Feb 2024 10:34 PM
janaki ammal

जब पढ़ाई ने विवाह से बाल-बाल बचाया

ज्यादातर माता-पिता न बेटियों से कोई उम्मीद रखते थे और न यह चाहते थे कि बेटियां उनसे कोई उम्मीद रखें, तो कोशिश यही रहती थी कि पराए धन को जल्दी से जल्दी सही ठिकाने पर पहुंचा दिया जाए। वैसे भी बेटियों ..

Sat, 17 Feb 2024 09:22 PM

अनुपम निडरता से पाखंड पर प्रहार

उस रात भी मंदिर में पूजन-भजन के बाद लोग जागने के लिए बैठे, पर एक-एक कर सब नींद की आगोश में जाने लगे। कोई मंदिर में ही पूरा लेट गया, तो कोई अधलेटे खर्राटे खींचने लगा। नींद का प्राकृतिक झोंका ऐसे चला...

Sat, 10 Feb 2024 09:23 PM
paul

सेहत के लिए जादुई गोली की तलाश

संगत बुरी हो, तो तबाही में उतार देती है और अच्छी संगत से इंसान महानता की सीढ़ियां सरपट चढ़ने लगता है। खासकर बच्चों पर सिर्फ इंसानी संगत ही नहीं, बल्कि अन्य चीजों व मशीनों का सबसे ज्यादा असर होता है...

Sat, 03 Feb 2024 10:43 PM