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सिनेमा हॉल की शक्ल ही नहीं देखी

सिनेमा हॉल की शक्ल ही नहीं देखी

मैं 2005 में वीरेंद्र कोच साहब के अखाडे़ में गया था। वहां मेरा सेलेक्शन हुआ। वहां मुझे मौका मिला कि मैं पहलवानी में और अच्छा करूं। उनका अखाड़ा दिल्ली के पास ही छारा गांव में है। वहीं मैंने मैट पर...

देसी आदमियों की खासियत

संता बिना पानी मिलाये दारू पी रहा था

सोहन– क्या बात है पाजी आपने

पानी भी नहीं मिलाया,

संता – अबे पागल हम देसी आदमी हैं

इतना पानी तो हमारे मुंह में दारू देखकर ही आ जाता है