राफेल की जरूरत
भारत को बड़ी संख्या में लड़ाकू विमानों की जरूरत है और राफेल विमान खरीदने की तैयारी स्वागतयोग्य है। भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 3.25 ट्रिलियन रुपये (280.4 अरब डॉलर) में 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रारंभिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है…

भारत को बड़ी संख्या में लड़ाकू विमानों की जरूरत है और राफेल विमान खरीदने की तैयारी स्वागतयोग्य है। भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 3.25 ट्रिलियन रुपये (280.4 अरब डॉलर) में 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रारंभिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वैसे तो इस सौदे को अंतिम रूप मिलने में कुछ समय और लगेगा, पर इस सौदे का होना अब तय है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली इस परिषद में पारित प्रस्ताव के अनुसार, भारत फ्रांसीसी निर्माता कंपनी से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा और बाकी 96 लड़ाकू विमान भारत में निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ साझेदारी में बनाए जाएंगे। भारत की इस जरूरी खरीद को रक्षा खरीद बोर्ड की मंजूरी पहले ही मिल गई है। अब फ्रांस के नेताओं के साथ आमने-सामने की वार्ता होगी। वहां सहमति के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल अंतिम तौर पर मुहर लगाएगा। गौर करने की बात है, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 15 से 17 फरवरी तक नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं। जाहिर है, इस सौदे से दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूती मिलेगी।
यह चर्चा इन दिनों बहुत तेज है कि भारतीय वायु सेना के तैनात लड़ाकू विमानों की संख्या महज 29 तक सिमट गई है। वैसे अभी 36 राफेल विमान भारतीय सेना के पास हैं, पर सबकी तैनाती मोर्चे पर नहीं की जा सकती। यहां यह जानना जरूरी है कि भारत को आज के समय में न्यूनतम 42 लड़ाकू विमान मोर्चे पर चाहिए। उम्मीद करनी चाहिए कि फ्रांस से हमें जल्द से जल्द 18 विमान मिल जाएं, ताकि मोर्चे पर हमारे लड़ाकू विमानों की संख्या जरूरत के मुताबिक हो जाए। इतना ही नहीं, भारत के पास प्रशिक्षण विमानों की भी कमी होने लगी है। इस सौदे में ऐसे राफेल विमानों की संख्या ज्यादा होगी, जो दो सीट वाले हैं और जिनका इस्तेमाल प्रशिक्षण में किया जाना है। लंबे समय तक वायु सेना की ताकत मिग विमान रहे हैं, लेकिन गौरतलब है कि मिग विमानों सहित, एंग्लो-फ्रेंच जगुआर और फ्रेंच मिराज 2000 भी आने वाले वर्षों में सेवामुक्त होने वाले हैं। हमें हर हाल में अच्छे किस्म के राफेल विमान चाहिए। भारत की रक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं और वायु सेना को पर्याप्त संसाधनों व विमानों से लैस रखना होगा। यह सौदा जितना जरूरी है, उससे ज्यादा जरूरी है कि फ्रांस हमें नए विमान जल्द से जल्द हस्तांतरित करे। फ्रांसीसी नेता जब भारत आएंगे, तब उनसे यह बात अवश्य होनी चाहिए। अक्सर देखा गया है कि सौदे तो हो जाते हैं, पर आपूर्ति में बहुत वक्त लगता है।
वास्तव में, तेजस विमानों के साथ भी यही हो रहा है। भारत में विकसित हो रहे तेजस विमानों में खास तरह के इंजन की जरूरत है, जो विदेश से आने हैं, पर आपूर्ति में देरी हो रही है। आपूर्ति में यह देरी भी हमें विवश कर रही है कि हम राफेल प्राप्त करने में जल्दबाजी दिखाएं। यह याद रखना चाहिए कि भारतीय वायु सेना के लिए 1980 के दशक में ही स्वदेशी विमानों के निर्माण का काम शुरू किया गया था। यह अपने आप में समीक्षा का विषय है कि कहां कमियां रही हैं और कमियों को जल्द से जल्द कैसे दूर किया जा सकता है। हिन्दुस्तान एयरोनॉटक्सि ने घरेलू बाजार में उन्नत एमके-1ए वेरिएंट के लगभग 180 विमानों का ऑर्डर दे रखा है, पर आपूर्ति में माकूल इंजन की कमी ही आड़े आ रही है। बेशक, हम राफेल खरीदें, पर ज्यादा जरूरी है कि विमानन क्षेत्र में शोध-अनुसंधान व्यय को सुनियोजित ढंग से बढ़ाया जाए।
लेखक के बारे में
Hindustanहिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। करीब एक सदी से यह अखबार हिंदी भाषी पाठकों की पसंद बना हुआ है।
देश-दुनिया की Hindi News को पढ़ने के लिए यह अखबार लगातार पाठकों की पसंद
बना हुआ है। इसके अतिरिक्त समकालीन मुद्दों पर त्वरित टिप्पणी, विद्वानों के विचार और साहित्यिक सामग्री को भी लोग पसंद
करते रहे हैं। यहां आप ग्लोबल से लोकल तक के सभी समाचार एक ही स्थान पर पा सकते हैं। हिन्दुस्तान अखबार आपको उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, झारखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की खबरें प्रदान करता है। दक्षिण भारत के
राज्यों की खबरें भी आप यहां पाते हैं।
इसके अतिरिक्त मनोरंजन, बिजनेस, राशिफल, करियर, ऑटो, गैजेट्स और प्रशासन से जुड़ी खबरें भी यहां आप पढ़ सकते हैं। इस
पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



