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अंतरिक्ष की खास सैर

अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक नई क्रांति हुई है, जिसका स्वागत होना चाहिए। एक निजी कंपनी एक्सिओम ने अभियान चलाया था, जिसके तहत चार अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से होकर लौटे हैं...

अंतरिक्ष की खास सैर
Pankaj Tomarहिन्दुस्तानSun, 11 Feb 2024 11:41 PM
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अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक नई क्रांति हुई है, जिसका स्वागत होना चाहिए। एक निजी कंपनी एक्सिओम ने अभियान चलाया था, जिसके तहत चार अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से होकर लौटे हैं। सबसे खास यह कि इस अंतरिक्ष यान में तीन सीटों के लिए भुगतान किया गया था। यह भी खास कि यह भुगतान दुनिया के तीन अमीरों ने नहीं, बल्कि तीन देशों की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों ने किया था। पहली बार तुर्किए के भी एक अंतरिक्ष यात्री को सफर का मौका मिला और यह तुर्किए के लिए बड़ी कामयाबी है। दरअसल, जिन देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां छोटी हैं, वैसे देश निजी अंतरिक्ष कंपनियों की मदद से अपनी इच्छाओं और अध्ययन को पूरा करना चाहते हैं। चूंकि अंतरिक्ष के सफर को स्वतंत्र रूप से साकार करना एक बेहद महंगा और बेहद कठिन काम है, इसलिए इस विरल सेवा में निजी कंपनियों का उतरना किसी खुशखबरी से कम नहीं है। आश्चर्य नहीं कि एक निजी कंपनी के दम पर तुर्किए, स्वीडन, इटली में जश्न का माहौल है, क्योंकि इन देशों के नागरिक अंतरिक्ष की सैर कर आए हैं। 
अंतरिक्ष यात्रियों की एक अखिल यूरोपीय चौकड़ी शुक्रवार की सुबह फ्लोरिडा तट पर अंतरिक्ष से नीचे उतरी और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए निजी कंपनी एक्सिओम स्पेस का तीसरा निजी मिशन पूरा हो गया। अभियान का नेतृत्व करने वाले एक्सिओम के मुख्य अंतरिक्ष यात्री माइकल लोपेज-एलेग्रिया, एक स्पेनिश-अमेरिकी नागरिक हैं और 65 की उम्र में भी एक सक्रिय अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्हें नासा के साथ काम करने का भी लंबा अनुभव है। एलेग्रिया के नेतृत्व में यह अभियान अंतरिक्ष भ्रमण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इस अभियान के तहत विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक प्रयोग किए गए हैं, जिनमें सभी अंतरिक्ष यात्रियों ने भाग लिया है। एक्सिओम के अनुसार, अंतरिक्ष यात्रियों ने परस्पर सहयोग से 30 से ज्यादा प्रकार के शोध-अध्ययन को अंजाम दिया है। सभी यात्रियों ने पेशेवर अंतरिक्ष यात्रियों जैसा प्रदर्शन किया है। ध्यान रहे, अभियान शुरू में दो सप्ताह तक चलने वाला था, पर खराब मौसम की वजह से वापसी यात्रा में कई दिनों की देरी हुई। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में यात्रियों को अतिरिक्त 18 दिन रुकना पड़ा। लोपेज-एलेग्रिया के साथ तुर्किए के पायलट और वायु सेना के कर्नल अल्पर गेजेरवसी, इतालवी वायु सेना के कर्नल वाल्टर विलादेई और स्वीडन के मार्कस वांड्ट ने सदा के लिए एक इतिहास रच दिया है। 
अंतरिक्ष विज्ञान में निजी क्षेत्र के लिए यह बहुत उत्साह बढ़ाने वाली बात है। एक्सिओम स्पेस की स्थापना 2016 में नासा के पूर्व वैज्ञानिक माइकल सुफ्रेडिनी और उद्यमी गफरियन ने की थी। यह कंपनी न केवल अंतरिक्ष यात्रा को संभव बना रही है, बल्कि यह स्पेससूट व स्पेस स्टेशन के विकास में भी लगी है और दुनिया की सबसे कुशल अंतरिक्ष एजेंसी नासा की भी मदद कर रही है। यह उन तमाम स्टार्टअप के लिए प्रेरणादायी है, जो अंतरिक्ष के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। यह भविष्य में एक बहुत बड़ा व्यवसाय हो सकता है। भारत में 18 से ज्यादा स्टार्टअप ऐसे हैं, जो अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में सक्रिय हैं। क्या वे किसी अंतरिक्ष अभियान को स्वतंत्र रूप से पूरा कर सकते हैं? कमाई का यह बड़ा क्षेत्र है, एक्सिओम ने एक सीट के लिए लगभग 5.50 करोड़ डॉलर की वसूली की थी, जबकि सूचना है कि हंगरी ने अगले अभियान के लिए एक सीट 10 करोड़ डॉलर में खरीदी है। 

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