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अद्भुत खगोलीय घटना

आज सूरज ठीक पूरब दिशा में निकला। यह सौरमंडल की एक अद्भुत घटना है। आप कहेंगे कि इसमें अद्भुत क्या है, सूरज तो रोज पूरब में उदय होता है? विचित्र, किंतु सत्य यह है कि हर रोज सूरज ठीक पूरब में नहीं उगता। साल में केवल दो बार ही ऐसा होता है- इसे ‘मार्च एक्विनोक्स’ कहा जाता है। सूरज, सौर मंडल का सबसे बड़ा तारा है, जिस पर धरती का अस्तित्व टिका है। हर दिन सूर्योदय पूरब दिशा के आस-पास होता है, जैसे इन दिनों सूर्योदय की दिशा दक्षिण-पूर्व है, आज के बाद यह दिशा उत्तर-पूर्व हो जाएगी। आज सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होगा, अर्थात धरती पर सभी जगह सूर्योदय ठीक पूर्व दिशा में होगा।

इसके बाद इस साल 23 सितंबर को यह खगोलीय घटना होगी। तब सूरज दक्षिण-पूर्व हो जाएगा। हो सकता है कि किसी की आस्था को ठेस लगे, लेकिन हकीकत यही है कि सूर्य की दिशा ‘मार्च एक्विनोक्स’ के समय ही बदलती है। एक्विनोक्स शब्द लैटिन के एक्वुअस (बराबर) और नॉक्स (रात) से बना है। एक्विनोक्स के आस-पास दिन और रात तकरीबन समान अवधि के होते हैं, क्योंकि सूर्य की किरणें सीधी विषुवत रेखा पर पड़ती हैं। इसे स्प्रिंग या वसंत का पहला दिन भी कहते हैं। हर साल यह परिवर्तन लगभग इन्हीं तारीखों के आस-पास होते हैं।

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  • Web Title:Hindustan Cyber Sansar Column March 20