DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

और शीशमहल गिर गए

दरभंगा शहर कम ही जाना होता है, अक्सर गांव निकल जाता हूं। इस बार एक बढ़िया फ्लोटर चप्पल खरीदने गया, क्योंकि बरसाती मौसम था। एक तीन मंजिले शीशमहल में मुझे पहुंचा दिया गया, जहां जूते ही जूते थे। और उसमें एक ही ब्रांड, जिसका नाम मैंने नहीं सुना था। छोटे शहरों के अपने ब्रांड होते हैं। पहले भी लखानी बाटा पर भारी था। उस दुकान में सभी सेल्स-बॉय टीप-टॉप, जैसे दिल्ली में हुआ करते हैं। चप्पल खरीदकर सोचा कि गरमी बहुत है, फलूदा-कुल्फी खाऊं। तो उसके लिए दूसरे शीशमहल ले जाया गया, जहां लिफ्ट भी थी। डेढ़ सौ रुपये की फलूदा-कुल्फी थी। कई सारे लोग खा भी रहे थे। एयर-कंडीशन में बैठ कुल्फी खाओ, जैसे दिल्ली में खाते हैं।

फिर एक टी-शर्ट लेने गया, तो तीसरा शीशमहल। वहां भी टीप-टॉप सेल्स-गर्ल्स। सभी अंग्रेजी भी बोल रही थीं। मुझे लगा कि मैं शायद विदेशी सरीखा दिख रहा हूं, इसीलिए। लेकिन औरों से भी। जैसे दिल्ली में बोलते हैं। तभी एक अनाउंसमेंट हुई, ‘संजय सिंह, प्लीज रिपोर्ट टु द डेस्क!’ दो-तीन बार माइक पर यही संदेश दोहराया गया। फिर अचानक माइक से ही आवाज आई- ‘रे संजइया, सुन ने! तोरे बजबै छियौ।’ और सभी शीशमहल भरभराकर गिर गए। अब लगा कि अपनी ही जमीन पर हूं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Hindustan Cyber Sansar august 12th