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महिला आरक्षण का मसला

साल 2019 के आम चुनाव को लेकर बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है। महिला तबके को लेकर बीजेपी और प्रधानमंत्री खास ध्यान दे रहे हैं। उज्ज्वला योजना और तीन तलाक  के जरिए बीजेपी ने महिलाओं को साधने की कोशिश की है। यह चर्चा भी है कि शायद चुनाव से पहले एनडीए सरकार महिला आरक्षण बिल लेकर आए और खटाई में पड़े इस विधेयक को पास कराने की कोशिश करे। बीजेपी के लिए यह मुश्किल नहीं है, क्योंकि उसके पास लोकसभा में बहुमत है। शायद इसे भांपते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह मुद्दा उठाया है, क्योंकि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में इसे पास कराने में उनकी अहम भूमिका थी। लोकसभा में यह विधेयक अटक गया था, क्योंकि यूपीए के साथी दल, खासकर सपा, राजद ने इसका विरोध किया था। लोकसभा में इसे यूपीए ने इस डर से पहले पेश नहीं किया था कि कहीं सरकार ही खतरे में न पड़ जाए। वजह चाहे जो भी हो, सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे को फिर से प्रकाश में ला दिया है। अगर यह विधेयक पारित होता है, तो इसमें उन्हें भी कुछ श्रेय मिलेगा।... यह राजनीति में नया दिन जरूर है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के पास इतनी राजनीतिक ताकत है कि वह वर्षों से लटके इस विधेयक को पारित करवा सकते हैं।

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  • Web Title:cyber sansar: issue of women reservation