DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आ गया सावन

सावन का आरंभ हो चुका है। सावन बारिशों का महीना है, जब महीनों की झुलसाती धूप और ताप से बेचैन धरती की प्यास बुझती है। सावन में पृथ्वी और बादल मिलकर सृष्टि व हरियाली के नए-नए तिलिस्म रचते हैं। सावन की झोली में सबके लिए कुछ न कुछ है। किसानों के लिए यह धरती की गोद में फसल के साथ सपने बोने का महीना है। प्रेमियों के लिए यह वसंत के बाद दूसरा सबसे अनुकूल मौसम है। साहित्य आदि काल से सावन में प्रेमियों के मिलन की चर्चाओं से उजला और उनके विरह की व्यथाओं से गीला होता रहा है। बच्चों के लिए ये उमंग और उल्लास के दिन हैं। लड़कियों के लिए यह झूले में बैठकर आकाश नापने का मौका है। नव-व्याहताओं के लिए यह कजरी और मायके में छूट गए रिश्तों को याद करने का मौसम है, तो बुजुर्गों के लिए बिस्तर पर लेटे-लेटे चाय की चुस्कियों के साथ अतीत की यादों में डूब जाने का समय। हिंदू धर्मशास्त्रों में सावन को भगवान शिव का माह कहा गया है। देवताओं व असुरों के समुद्र-मंथन का संयुक्त अभियान सावन में ही आरंभ व समाप्त हुआ था। जीवन से उदासीन जिन थके-हारे लोगों को लिए सावन कुछ नहीं, उनके लिए भी जीवन को कई-कई रूपों में अंकुरित होते देखने का अवसर तो है ही। इसलिए, सबको अपने हिस्से का सावन मुबारक!

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:cyber sansar Hindustan column on 31 july