cyber sansar Hindustan column on 22 may - अप्प दीपो भव: DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अप्प दीपो भव:

श्रीलंकाई तमिल नॉर्वे और जर्मनी में भरे पडे़ हैं। जब भी मिलते हैं, मैं अपनी प्रकृति के अनुसार सिर खाने लगता हूं। मेरी रुचि सांस्कृतिक द्वंद्वों में रही है, तो वहां के तमिल-बौद्ध संघर्ष पर भी बात करता हूं। ऐसे संघर्ष तो राजतरंगिणी काल से ही बौद्ध और अन्य पंथों के मध्य होते रहे हैं। एक बार बीसवीं सदी में अमरावती के मंदिर की खुदाई हुई, तो नीचे बुद्ध की विशाल प्रतिमा मिली। यह प्रतिमा अंग्रेजों ने थाईलैंड के राजा को दे दी। ऐसे ही, कश्मीर के बौद्ध विहार मंदिरों को ध्वस्त कर बने।
मुझे ऐसी स्थितियों में सबसे परिपक्व गिरमिटिए लगे। उन निरक्षर लोगों ने इसका वह हल निकाला, जो इतिहास के तमाम बुद्धिजीवी नहीं निकाल सके। म्यांमार में जब तमिल मंदिरों पर बौद्ध आक्रमण शुरू हुए, तो तमिल किसानों ने एक साधारण सा कार्य किया। उन्होंने अपने मंदिर-प्रांगण में एक विशाल बुद्ध प्रतिमा लगा दी, और अंदर अपने विनायक स्वामी और मुरुगन की पूजा करते रहे। जो भी तोड़ने आता, बुद्ध प्रतिमा को बाहर मुस्कराता देख लौट जाता, यानी जिनसे द्वंद्व था, उन्हें ही अपना रक्षा-कवच बना लिया। मैंने एक श्रीलंकाई से पूछा कि तुम लोग यह आइडिया क्यों नहीं अपनाते? उसने कहा कि इसके लिए दिल बहुत बड़ा चाहिए, जो इस दुनिया में दुर्लभ है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:cyber sansar Hindustan column on 22 may