DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बाहरी होने की पीड़ा

राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सैनिक भी मेहनतकश बिहारी व पूरबिया मजदूरों को यही बोलकर कूटते हैं कि तुम लोगों ने मुंबई को खराब कर दिया है। अब फेसबुक पर हो रही डिस्कशन से पता चल रहा है कि हिमाचल में कार्यरत दूसरे राज्यों के कर्मचारियों को भी वहां जमीन में कोई हिस्सेदारी नहीं मिलनी चाहिए।
एनएचपीसी में कार्यरत मेरे कई सारे दोस्त बैरागढ़, सैंज, पार्वती 2 में वर्षों से खप रहे हैं, फिर भी उनको वहां जमीन नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि वे वहां बसकर देवभूमि खराब कर देंगे?

शिलाई, किन्नौर, चंबा के बैंकों में दिन-रात बेमतलब से हिमाचलियों की पासबुक अपडेट कर रहे कर्मियों को भी जमीन मत दो, बस उनसे अपने खाते अपडेट करवाते रहो, या रेलगाड़ियों की टिकटें बुक करवा लो, या लेड खरीदवा लो।

एनआईटी, हमीरपुर वाले मास्टरों को भी जमीन मत दो, क्योंकि उनको घंटा पता कि देवभूमि में कैसे रहा जाता है? उनको तो बस पढ़ाने का काम करने दो, हिमाचली समाज में रहना उनके बस का नहीं है। जिसको जमीन से लगाव है, वह तो उसे बेचेगा नहीं, और जिसको जमीन बेचनी है, उसको कोई रोक भी नहीं सकता। बाकी जुलाई की नॉटिफिकेशन थी, अब तक तो हो लिया सीन सेट, जिस-जिसने करना था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:cyber sansaar article in HIndsutan on 05 september