Hindustan Mail Box Column on 29th July - इसरो की नई उड़ान DA Image

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इसरो की नई उड़ान

युगों से चांद पा लेने की चाहत लिए इंसान को आखिर वह मंजिल करीब दिखने लगी है। सवा अरब लोगों का सपना लिए इसरो की नई उड़ान चंद्रयान-2 पर सवार होकर हिन्दुस्तान चांद की तलाश में निकल पड़ा है। बेशक चांद छूने की ललक 48 दिनों के बाद पूरी होगी, मगर हमारे वैज्ञानिकों की तपस्या के सामने यह इंतजार छोटा है। भारतीय वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम पर हर हिन्दुस्तानी को गर्व है। गर्व के उन क्षणों के लिए शायद शब्द कम पड़ जाएंगे। चंद्रयान-2 का चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर उतरना न केवल अपने देश के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चुनौती बनकर सामने आया है। यहां अभी तक दुनिया का कोई देश नहीं पहुंच सका है। इसीलिए स्वाभाविक तौर पर इस अभियान पर दुनिया भर की नजर है, जिसे मुल्क के वैज्ञानिकों ने कम से कम समय और लागत में पूरा कर दिखाया है। पूरा देश अपने अनमोल रत्नों को सलाम करता है, जिन्होंने अपनी जिंदगी का बेशकीमती समय देश के लिए समर्पित कर दिया है। (एमके मिश्रा, रातू)

जल्दबाजी ठीक नहीं
मध्य प्रदेश में भाजपा के दो विधायकों द्वारा कांग्रेस को समर्थन दिए जाने की घटना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बनकर आई है। राज्य सरकार को लंगड़ी सरकार कहकर बार-बार ताना मारने वाली भाजपा यहां मात खा गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता बार-बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने का दावा ठोककर उल्टा कांग्रेस को मजबूत कर रहे हैं। विपक्ष को उकसाने की बजाय भाजपा को समय का इंतजार करते हुए जनादेश का सम्मान करना चाहिए। भाजपा के जिम्मेदार नेता बेमतलब बयानबाजी न करें। इससे पार्टी की किरकिरी नहीं होगी और शीर्ष नेतृत्व भी शर्मसार होने से बच जाएगा। (शिरीष सकलेचा, बड़ावदा, मध्य प्रदेश)

फिजूलखर्ची बंद हो
आज देश की स्थिति ऐसी है कि आए दिन किसी न किसी स्तर के चुनाव होते रहते हैं, जिनमें करोड़ों रुपये बर्बाद किए जाते हैं। यह रकम जनता की कमाई है। किसान जब फसल उगाकर बेचता है, तो किसी न किसी रूप में टैक्स भी देता है। इसी तरह, कर्मचारी, अधिकारी और कामगारों के वेतन से भी टैक्स काटे जाते हैं। यही कर सरकार व देश की कमाई है, जिसे नेताओं, राजनेताओं के लिए खर्च कर दिया जाता है। नेताओं को वीआईपी सुविधा भी जनता के इन्हीं पैसों से मिलती है। इसीलिए जरूरी है कि देश में तमाम तरह की फिजूलखर्ची बंद हो, ताकि देश के विकास को तीव्र गति दी जा सके। इसकी शुरुआत ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से की जा सकती है। यदि हर स्तर का चुनाव पांच साल में एक बार हो और नेताओं को सीमित सुविधाएं दी जाएं, तो देश के काफी पैसे बचाए जा सकते हैं। ये पैसे काफी काम के हो सकते हैं। (अनुज कुमार गौतम, दिल्ली)

कार्रवाई भी करें इमरान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका में कुबूल किया है कि उनके अपने मुल्क में 30 से 40 हजार आतंकवादी, और लगभग 40 उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं। भारत यह बात पिछले कई दशकों से कहता आ रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों का गढ़ है, और वहां पर कई आतंकी संगठन फल-फूल रहे हैं। निश्चय ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस कुबूलनामे के बाद भारत के दावे को एक नया रूप मिला है। इस लिहाज से इमरान खान की तारीफ की जा सकती है कि उन्होंने यह बात खुले मन से स्वीकार तो की, लेकिन सिर्फ इसी से बात नहीं बनेगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अपने यहां पल रहे आतंकवाद और आतंकी संगठनों को खत्म करने के लिए भी ठोस कदम उठाने होंगे, तभी उनकी व उनके देश की छवि विश्व में बन सकेगी और दुनिया उन पर यकीन करेगी। (विजय किशोर तिवारी, नई दिल्ली)

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