Hindustan Mail Box Column on 23rd August - समान हो कानून DA Image

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समान हो कानून

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तारी हुई। कोई भ्रष्ट हो, तो उसकी गिरफ्तारी होनी चाहिए, मगर सरकार के दबाव में किसी भी संस्था को यह काम नहीं करना चाहिए। यह सवाल उठना चाहिए कि 1993 में पेश वोहरा समिति की रिपोर्ट को क्यों सरकार लागू नहीं कर रही है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि एक भी आपराधिक छवि वाला या भ्रष्ट आचरण वाला व्यक्ति संसद में प्रवेश नहीं करना चाहिए, पर 2014 की तुलना में 2019 में आपराधिक छवि वाले सांसदों की संख्या घटने की बजाय बढ़ गई। शासन की मंशा साफ नहीं है। सवाल यह नहीं है कि कोई गिरफ्तार हो गया, सवाल यह है कि ऐसे और कितने हैं और आगे अभी ऐसे कितने पैदा होंगे? कौन किसको फंसा रहा है? क्या वाकई कोई गंभीर मामला है? आज जरूरी है कि पक्ष-विपक्ष के सभी नेता मिलकर कोई ठोस कानून बनाएं, जिससे कोई भी भ्रष्ट, आपराधिक व्यक्ति संसद नहीं पहुंच पाए। 

दिनेश चौधरी, सुरजापुर, सुपौल

मंदी के मोड़ पर

भारत अभी 2़ 8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और यदि प्रधानमंत्री के अनुसार 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनना है, तो उसके लिए विकास दर को 12 प्रतिशत तक ले जाना पडे़गा, जबकि अभी विकास दर छह प्रतिशत से कम है। आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए सरकार को राष्ट्रवाद के साथ राष्ट्र-निर्माण पर जोर देना होगा। कहीं ऐसा न हो कि राष्ट्रवाद को मजबूत करने में राष्ट्र-निर्माण के मूल को भूल जाएं। भारत में शिक्षा और शिक्षण संस्थाओं में गुणात्मक सुधार के साथ शोध को बढ़ावा देने की जरूरत है। विगत 10 वषार्ें में उच्च-प्रभाव वाली वैज्ञानिक पत्रिकाओं में चीनी लेख 16 गुना से अधिक बढे़, जबकि भारतीय लेख सिर्फ दोगुने हुए, यह  चिंताजनक स्थिति है। देखना होगा कि स्कूली शिक्षा से विश्वविद्यालय स्तर तक रचनात्मक और गुणात्मक सुधार हो। हर क्षेत्र में मानव संसाधन का विकास हो। गहराती आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए समाज के चार वगार्ें, जैसे बुद्धिजीवियों, व्यापारियों, नौकरशाहों और राजनेताओं को जिम्मेदारी लेने आगे आना होगा। मीडिया को अन्य मुद्दों के साथ अर्थव्यवस्था, शिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी जैसे मसलों पर भी सरकार को सच दिखाने की जरूरत है। 

संतजी, पटना, बिहार

निजता का सवाल

व्यक्तिगत निजता का मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसमें कोई भी छेड़छाड़ करने से पहले हमारी सरकार को सौ बार सोचना चाहिए। आधार कार्ड एक बहुत ही मजबूत तंत्र है, इसे सोशल मीडिया के साथ जोड़ना बहुत हानिकारक होगा। हमें यह समझने की जरूरत है कि सोशल मीडिया एक गैर-पारंपरिक मीडिया है, जो हमारे जीवन में एक सकारात्मक भूमिका अदा करता है और हम खुलकर अपने विचार एक दूसरे के साथ साझा कर सकते हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि फर्जी खबरें हमारे समाज के लिए एक खतरा बनती जा रही हैं। व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए। आखिर में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि डाटा को नए तेल की संज्ञा दी गई है और हमें इसे सहेजकर रखना है और इसे दुरुपयोग से बचाना है।

बाल गोविंद, नोएडा

पौधों की देखभाल

सरकारें प्रतिवर्ष पर्यावरण व वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए अरबों रुपये खर्च कर पौधारोपण कराती हैं, परंतु अगले मानसून तक स्थिति वैसी ही बनी रहती है। सरकारें पौधारोपण करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती हैं। हालात ऐसे हो जाते हैं कि बिना उचित देखभाल के प्रतिवर्ष लगाए जाने वाले पौधे सूख जाते हैं। सरकार को चाहिए कि अखबारों में वाहवाही लूटने से बचे और जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद होने से बचाए। 

जसबीर सिंह सिसोदिया 

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