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अखंड भारत की ताकत

भारत हर साल 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। यह दिन जहां हमारे आजाद होने की खुशी लेकर आता है, वहीं इसमें भारत के खंडित होने का दर्द भी छिपा रहता है। वक्त के गुजरे पन्नों में भारत से ज्यादा गौरवशाली इतिहास किसी भी देश का नहीं हुआ। लेकिन भारत से ज्यादा सांस्कृतिक, राजनीतिक, सामरिक और आर्थिक हमले भी इतिहास में शायद ही किसी देश ने झेले हों। संभवत: हमारा वैभव और हमारी समृद्धि ही इसका कारण है। भारत की बौद्धिक और भौतिक संपदा के चुंबकीय आकर्षण में विदेशी आक्रांता लूट के इरादे से इस ओर आकर्षित हुए। हर आक्रमण के साथ चेहरे जरूर बदलते गए, पर उनके इरादे नहीं और उनका इरादा था इस देश को लूटना। जो देश अपनी गलतियों से नहीं सीख पाता, वह स्वयं इतिहास बन जाता है। हमें भी शायद अपनी इसी भूल की सजा मिली है। इसीलिए भारत को उसकी खोई हुई अखंडता लौटानी ही होगी। यही हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हमें इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। (सोनू कुमार सोनी, पश्चिम चंपारण)

कांग्रेस की चुनौतियां
हिंदी में एक मुहावरा है, नया नौ दिन और पुराना सौ दिन। लोकसभा चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर निरंतर अडे़ रहने से काफी गहमागहमी रही, जिसके कारण अंत में सोनिया गांधी को ही फिर से पार्टी की बागडोर संभालनी पड़ी। लगता है, पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ नेता भी राहुल गांधी की अपरिपक्वता की तुलना में सोनिया गांधी को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। ऐसे में, पार्टी को अब बिल्कुल नए सिरे से और नए मुद्दों के साथ आगे बढ़ना होगा। आज बढ़ती जनसंख्या, बेरोजगारी, जुर्म और निजीकरण की नीति जैसी कई बड़ी समस्याएं हैं, जिनके उचित और जल्द हल के बिना राष्ट्र आगे नहीं बढ़ सकता। इसी तरह, राष्ट्रवाद के मुद्दे पर भी पार्टी अब तक अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं कर सकी है। इसलिए उसके पास मौका है कि वह अपना मत स्पष्ट करे और जनता का भरोसा जीते। (वेद मामूरपुर, नरेला)

करिश्माई व्यक्तित्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई भी कार्य करते हैं, तो उसमें देशहित पहले देखते हैं। डिस्कवरी चैनल के एक शो में भी उन्होंने शायद इसीलिए शामिल होना स्वीकार किया होगा, क्योंकि वह खुद पर्यावरण प्रेमी हैं, और इस शो के जरिए वह भारत की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया भर में दिखाना चाहते थे। शो में उन्होंने वाजिब ही दुनिया को यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा करने से ही वह इंसान की हिफाजत करती है और हमें जंगल से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसका संरक्षण करना चाहिए। तभी तो शो के होस्ट को खुद कहना पड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो पर्यावरण के बारे में गहराई से सोचते हैं। इन सबसे मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व सामने आता है। (प्रदीप कुमार दुबे, देवास, मध्य प्रदेश)

सामान्य हैं हालात
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य के पुनर्गठन के फैसले के कुछ दिनों के बाद ही घाटी का माहौल अपनी सामान्य दिनचर्या पर लौटता दिख रहा है। वहां ईद की खरीदारी भी जमकर की गई और लोगों ने सुरक्षा बलों और सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले की सराहना भी की। स्थिति सामान्य होने की एक वजह यह भी रही कि सरकार ने लोगों को गुमराह करने वाले अलगाववादी, हुर्रियत और कुछ क्षेत्रीय पार्टी के नेताओं को नजरबंद कर दिया है। वैसे निष्पक्ष होकर सोचें, तो अनुच्छेद 370 हटाने से जम्मू-कश्मीर में विकास तेज गति से हो सकेगा और लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी। सरकार का यह फैसला जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक सुखद सौगात लेकर आया है। (गौरव सुयाल, देहरादून, उत्तराखंड)

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