Hindustan Mail Box Column August 17 - लाल किले से प्रधानमंत्री DA Image

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लाल किले से प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लाल किले से समग्र भाषण दिया। उनके भाषण ने राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य, सामाजिक, सभी पहलुओं को छुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने एक देश एक चुनाव की बात की, ताकि देश के अंदर राजनीतिक एकीकरण को बढ़ावा मिले और आम जनता के समय और धन की बचत हो। आर्थिक क्षेत्र के लिहाज से प्रधानमंत्री ने पांच वर्षों के अंदर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर होने का संकल्प किया। सामाजिक क्षेत्र में उन्होंने छोटे परिवार को देशभक्ति का एक रूप बताया, तो सांस्कृतिक क्षेत्र में उन्होंने आम लोगों से साल 2022 तक देश के 15 पर्यटन स्थलों की यात्रा की अपील की, ताकि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिले। पर्यावरण के क्षेत्र में भी उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे 2 अक्तूबर से प्लास्टिक का प्रयोग कम कर दें। वाकई यह एक सराहनीय संबोधन था। (विजय किशोर तिवारी, नई दिल्ली)

राष्ट्रपति ने जो कहा
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संदेश में कश्मीरी अवाम सहित सभी को समान अधिकार देने, तीन तलाक की समाप्ति से बेटियों को न्याय मिलने, विकास की तेज गति और संसद में हुए कायार्ें पर संतोष जताते हुए सबको शुभकामनाएं दीं। दूसरी ओर, इसी शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी लाल किले से देश के नागरिकों को आज की सबसे बड़ी समस्या जल-संकट और जनसंख्या विस्फोट से लेकर प्लास्टिक व कृषि भूमि की पौष्टिकता पर भी सही सलाह दी है। उन्होंने सभी समस्याओं का खुलकर उल्लेख ही नहीं किया, बल्कि उन्हें जल्द से जल्द ही हल करने का पूरा भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कठिन परिश्रम और राष्ट्र-सेवा भाव से उनकी पार्टी के अन्य नेता और मंत्री भी प्रेरित होकर जरूर उन्हीं की तरह आगे बढ़ेंगे। यदि वास्तव में ऐसा होता है, तो यह निश्चित ही उनके व्यक्तित्व की एक अलग और विरल विशेषता होगी। (वेद मामूरपुर, नरेला)

और आगे बढ़ना है
पिछले 72 वर्षों में हमने बहुत कुछ हासिल किया है और आज का युवा बहुत महत्वाकांक्षी है, जो नई ऊंचाइयों को छूना चाहता है। खेलों और शिक्षा के स्तर में भी हमने नए- नए आयाम हासिल किए हैं और न केवल आईआईटी व अच्छे शिक्षण संस्थानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि मेडिकल टूरिज्म भी एक नए स्तर पर पहुंच गया है, जिसके तहत दुनिया के कई देशों से लोग भारत में अपनी चिकित्सा के लिए आते हैं। देश-विदेश में रहने वाले भारतीय भी वापस आकर यहां बस रहे हैं। लेकिन एक बात कचोटती है कि अमीरों और गरीबों के बीच की खाई लगातार बढ़ती जा रही है।
बाल गोविंद, नोएडा

कश्मीर की महत्ता
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। अब कश्मीर में सैनिक गतिविधियों के लिए ढांचागत निर्माण संभव हो सकेगा। फिलहाल गिलगित पाक अधिकृत कश्मीर में है। यह सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां पांच देशों भारत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, तजाकिस्तान और चीन की सीमाएं मिलती हैं। इसलिए हिंदुकुश पर्वत अर्थात गिलगित-बालटिस्तान का इलाका बेहद संवेदनशील है। इसी इलाके से मध्यकाल में विदेशी आक्रांताओं के हमले होते थे। हिमालय के 10 शीर्ष शिखरों में से आठ यहीं हैं। तिब्बत पर चीन का कब्जा होने के बाद पानी के वैकल्पिक स्रोत यहीं पर हैं। यूरेनियम और सोने की दृष्टि से भी यह क्षेत्र समृद्ध है। गृह मंत्री अमित शाह ने ठीक कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर भी हमारा है। (रितेश कुमार उपाध्याय, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश)

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