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बुरे फंसे विश्वास

अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर कुमार विश्वास को निपटा दिया। और इसमें कोई गलती नहीं। दिल्ली में आप को मिला जनादेश सिर्फ और सिर्फ केजरीवाल की कमाई है। कुमार विश्वास जैसे लोगों को वहां मलाई खाने को क्यों मिले? अब केजरीवाल ने उन्हें राजस्थान में फंसा दिया है। है दमखम, तो जाओ महारानी से पंगा लो, अपनी जमीन कमाओ और सत्ता सुख भोगो। अब कुमार विश्वास जनता के कह नहीं पाएंगे कि अरविंद ने उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी या फिर उनका कोई लाभ पार्टी के लिए नहीं उठाया। बेचारे विश्वास के मुंह से मुस्कान गायब है।
राजेश कुमार,  सेक्टर-11, नोएडा

सरकार की चुप्पी
पाकिस्तान से लगी सीमा पर आए दिन कोई न कोई जवान शहीद हो रहा है और भारत सरकार बिना कोई ठोस जवाब दिए सिर्फ भाषणबाजी में लगी हुई है। शहीदों के घरवाले सोच रहे हैं कि हमारे बेटों की शहादत का बदला लिया जाएगा, मगर होता यह है कि सरकार हर बार पाकिस्तान से बातचीत के लिए राजी हो जाती है। ये कोई नहीं समझता कि जब एक जवान शहीद होता है, तो कोई मां अपने बेटे को, बहन अपने भाई को, बेटी अपने पिता को भी खोती है। उनके परिवार पर क्या गुजरती है, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। दुखद तो यह है कि आज भारत में ऐसे कई लोग हैं, जो वीरों के बलिदान को राजनीतिक मुद्दा बनाने में लगे हुए हैं और सोशल मीडिया पर शहीदों के घरवालों को ठेस पहुंचने वाली पोस्ट करने में लगे हैं। भारत सरकार को वीरों की शहादत पर अभद्र पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए।
आयुष सैनी

सात दशक का हासिल 
आजादी के सात दशक पूरे होने को हैं और आज भी हमारा आधा हिन्दुस्तान नाली-खरंजा, बिजली-पानी की परेशानियों से निपटने में उलझा हुआ है। गाजियाबाद की मेयर की कुरसी लगभग 15 वर्षों से बीजेपी के हाथों में रही है, मगर आज भी लाइन पार क्षेत्रों में नालियों की नियमित सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। एक तरफ तो केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत का अभियान छेड़ रखा है, मगर दूसरी तरफ देश की राजधानी से सटे जिले की साफ-सफाई का यह हाल है। अब केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में, अब हमें यह देखना है कि हमारे यहां की नालियों की सफाई कब शुरू होती है।
अरविंद प्रताप सिंह

विकास का मूल तत्व 
हमारे देश में कोई हिंदुत्व के नाम पर, तो कोई धर्मनिरपेक्षता के नाम पर, कोई जाति विशेष के नाम पर, तो कोई अल्पसंख्यक हितैषी के नाम पर राजनीति कर रहा है और इस सबमें असली विकास का मुद्दा नदारद है। सच्चा विकास है- धर्म, जाति की राजनीति से ऊपर उठकर देश की तमाम प्रतिभाओं का समुचित सदुपयोग। देश की नई प्रतिभाओं की खोज, उनका विकास, और फिर देशहित में उनका इस्तेमाल। आज विज्ञान में बहुत कुछ खोजें हो चुकी हैं, फिर भी अभी बहुत कुछ जानना-समझना बाकी है। हमें विज्ञान की संभावित खोजों के साथ-साथ हर क्षेत्र के प्रतिभाशाली लोगों के बल पर अपने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना चाहिए। 
दिनेश कुमार सिसोदिया, मेरठ

आईपीएल के फायदे 
आईपीएल अब अपने शबाब पर है, मगर इसका अब तक (10 साल) का सफर काफी सुखद रहा है। यह एक ऐसा टूर्नामेंट है, जिसमें लीक से हटकर खेल-कौशल देखने को मिलता है। गेंदबाज जहां गेंद डालने की नई शैली विकसित करने की सोचता है, ताकि बल्लेबाजों को परेशान किया जा सके, तो वहीं बल्लेबाज भी चौके-छक्के मारने के नए-नए तरीके ईजाद करता है। क्रिकेट की बेहतरी के लिए ऐसे आयोजन को बढ़ावा मिलना चाहिए।
अमित कुमार, वैशाली, गाजियाबाद

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  • Web Title:Arvind Kejriwal, AAP, Kumar Vishwas