
बिहार में डबल लेन होंगी गांव की सड़कें, जेब्रा क्रॉसिंग और सिग्नल भी, नीतीश सरकार का प्लान
बिहार में एक लाख 18 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़क है। कई ऐसी सड़कें हैं, जो मेला-हाट के साथ ही प्रखंड मुख्यालय को भी जोड़ती हैं। इसी के मद्देनजर विभाग ने ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है।
बिहार में शहर की तर्ज पर अब गांव में बनने वाली सड़कों में भी सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा। इसके तहत स्कूल-अस्पताल के समीप जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण होगा। तीखे मोड़, पुल-पुलिया व घुमावदार सड़कों के समीप गाड़ी चलाने की गति सीमा भी लिखी जाएगी। ग्रामीण कार्य विभाग अब बनने वाली ग्रामीण सड़कों में सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराएगा।
दरअसल बीते कुछ वर्षों में राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ी है। एक समय ग्रामीण इलाकों में एक साल में तीन हजार से कम दुर्घटनाएं होती थीं। अब इसकी संख्या बढ़कर लगभग चार हजार हो चुकी है। कुल दुर्घटनाओं में लगभग एक तिहाई सड़क हादसे ग्रामीण इलाकों में हो रहे हैं।
इसे देखते हुए ही ग्रामीण कार्य विभाग ने गांव में बनने वाली सड़कों में भी सभी सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्णय लिया है। विभाग के सचिव दिवेश सेहरा ने इस बाबत सभी इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि वे कार्य एजेंसियों के साथ समन्वय कायम कर अब निर्माण या मरम्मत होने वाली सड़कों में सड़क सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
सचिव ने कहा है कि सड़क सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने को स्वतंत्र रूप से इसकी निगरानी की जाए। सचिव ने इसकी कार्ययोजना बनाकर भी मांगा है ताकि अगली बैठक में उसकी समीक्षा हो सके। स्कूल व अस्पतालों के समीप जेब्रा क्रॉसिंग निर्माण सुनिश्चित कर विभागीय एमआईएस में इसके लिए अलग से एक कॉलम का प्रावधान सुनिश्चित करने को कहा गया है।
राज्य में एक लाख 18 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कें
बिहार में एक लाख 18 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़क है। कई ऐसी सड़कें हैं, जो मेला-हाट के साथ ही प्रखंड मुख्यालय को भी जोड़ती हैं। इसी के मद्देनजर विभाग ने ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। शहर की तर्ज पर अब ग्रामीण सड़कों का भी रखरखाव सात वर्षों तक किया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से सड़कों की निगरानी की प्रक्रिया भी शुरू है।





