
स्ट्रेचर पर मरीज और पानी चढ़ाने के लिए हाथ में बोतल पकड़ खड़ी महिला, बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल
मिली जानकारी के अनुसार रोगी को पानी चढ़ाने के लिए महिला ने हाथ ही घंटों बोतल पकड़े रखी। माहिला ने बताया कि मांगने पर भी स्लाइन स्टैंड नहीं मिला। मजबूरी में हाथ में ही बोतल को लेकर खड़ा रहना पड़ा।
बिहार के बिहारशरीफ जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। पावापुरी मेडिकल कॉलेज में मरीज के परिजन को स्वयं स्लाइन की बोतल पकड़े रखने की मजबूरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। यह घटना न केवल चिकित्सा व्यवस्था की गंभीर कमियों को उजागर करती है, बल्कि मानवीय संवेदना के अभाव को भी दर्शाती है।
हाथों में मरीज की जान है। इसमें थोड़ी-सी गड़बड़ी से रोगी की जान पर बन सकती है। मिली जानकारी के अनुसार रोगी को पानी चढ़ाने के लिए महिला ने हाथ ही घंटों बोतल पकड़े रखी। माहिला ने बताया कि मांगने पर भी स्लाइन स्टैंड नहीं मिला। मजबूरी में हाथ में ही बोतल को लेकर खड़ा रहना पड़ा।
4 सितंबर का बताया जा रहा मामला
सितंबर की रात का यह वीडियो नालंदा, नवादा और शेखपुरा जिलों की जीवनरेखा माना जाने वाला पावापुरी मेडिकल कॉलेज की बताया जा रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि महिला अपने हाथ में स्लाइन की बोतल लिए खड़ी है, जबकि एक मरीज स्ट्रेचर पर लेटा हुआ है। जब वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने महिला से पूछा कि स्लाइन खत्म होने पर कोई डॉक्टर देखने आया है या नहीं, तो महिला का जवाब था-कोई डॉक्टर नहीं आया। डॉक्टर स्लाइन लगाकर चले गए हैं।
सड़क हादसे में हुआ युवक हुआ था जख्मी
घटना का संबंध रहुई थाना क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव निवासी अनिल रविदास से है। चार सितंबर की सुबह आठ बजे अनिल रविदास सड़क हादसे में घायल हुआ था। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो के माध्यम से मामले का पता चला है। मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। इसके लिए जो भी कर्मी दोषी होंगे उनपर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





