पटना एयरपोर्ट पर नहीं तैनात थे डॉक्टर, इलाज के अभाव में गई महिला की जान
तबीयत खराब होने के बाद महिला छटपटाती रही, लेकिन समय पर डॉक्टर की मदद नहीं मिलने के कारण स्थिति नाजुक होती चली गई। कुछ देर बाद एयरपोर्ट पर यात्रा के लिए पहुंचे डॉक्टर मदद के लिए आगे आएं, लेकिन स्थिति को देखते हुए उन्होंने अस्तपाल ले जाने की सलाह दी।
पटना एयरपोर्ट पर रविवार को एक महिला यात्री की तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई। बेगूसराय की रहनेवाली 61 वर्षीय निर्मला देवी स्पाइसजेट की विमान से मुंबई जाने वाली थी। टर्मिनल भवन में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी तैनात नहीं थे। तबीयत खराब होने के बाद महिला छटपटाती रही, लेकिन समय पर डॉक्टर की मदद नहीं मिलने के कारण स्थिति नाजुक होती चली गई। कुछ देर बाद एयरपोर्ट पर यात्रा के लिए पहुंचे डॉक्टर मदद के लिए आगे आएं, लेकिन स्थिति को देखते हुए उन्होंने अस्तपाल ले जाने की सलाह दी। महिला को राजाबाजार के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बेगूसराय के साहेबपुर कमाल निवासी चंद्रशेखर सहनी की पत्नी निर्मला देवी स्पाइसजेट की विमान संख्या एसजी 337 से मुंबई जाने वाली थीं। महिला को शाम 7:00 बजे बोर्डिंग करना था। जबकि उनकी फ्लाइट पटना एयरपोर्ट से मुंबई के लिए 7:30 बजे उड़ान भरने वाला थी। दोपहर तीन बजे ही महिला एयरपोर्ट पहुंच गई थी। इसी बीच लगभग 4:30 बजे पटना एयरपोर्ट के पहले तल पर बने प्रस्थान क्षेत्र में उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। करीब एक घंटे बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, पर जान नहीं बची।
पटना एयरपोर्ट के निदेशक चंद्र प्रताप द्विवेदी ने कहा कि एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की टीम की तैनाती के लिए पुराना करार खत्म होने के बाद मेदांता से करार किया गया है। लेकिन उनके द्वारा अब तक डॉक्टर भेजना शुरू नहीं किया गया है। पटना एयरपोर्ट पर महिला यात्री की मौत ने हवाई यात्रियों के लिए चिकित्सा सुविधा के दावे की असलियत उजागर की है। पटना एयरपोर्ट के निदेशक चंद्र प्रताप द्विवेदी ने भी स्वीकार किया कि हवाई अड्डा पर डॉक्टर या मेडिकल टीम मौजूद नहीं थी।
निदेशक ने बताया कि एयरपोर्ट पर रविवार शाम 4:40 बजे स्पाइसजेट विमान की एक महिला यात्री सीआईएसएफ के शिफ्ट-इन-चार्ज के केबिन के पास बेहोश हो गई। इसके बाद माइक से अनाउंस किया गया कि कोई यात्री अगर डॉक्टर हैं, तो तुरंत आएं। इसके बाद एक डॉक्टर पहुंचे। मरीज को सीपीआर सहित प्राथमिक उपचार दिया गया। निदेशक के मुताबिक एयरपोर्ट फायर सर्विस को सूचित किया गया और लगभग 4:50 बजे एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। यात्री को राजा बाजार स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
लेकिन, मरीज की जान नहीं बच सकी और 5:13 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर डॉक्टर टीम की तैनाती के लिए पुराना करार खत्म होने के बाद मेदांता अस्पताल से करार किया गया है। लेकिन उनकी ओर से अबतक डॉक्टर भेजना शुरू नहीं किया गया है। बीमार महिला यात्री को अस्पताल पहुंचने में लगभग एक घंटे का वक्त लग गया। इस बीच महिला की मौत हो गई।





