Hindi NewsBihar NewsWhy JMM pulled out of Bihar Election Party Leaders says about political conspiracy
JMM क्यों हटी बिहार चुनाव से पीछे, नाराजगी के पीछे वजह क्या; जानिए अंदर की पूरी कहानी

JMM क्यों हटी बिहार चुनाव से पीछे, नाराजगी के पीछे वजह क्या; जानिए अंदर की पूरी कहानी

संक्षेप:

एक चौंकाने वाले घटनाक्रम के तहत हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो ने बिहार चुनाव से नाम वापस ले लिया है। इस कहानी के पीछे नाराजगी है और आरोपों के सिलसिले हैं। आखिर क्यों जेएमएम बिहार चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है?

Mon, 20 Oct 2025 07:43 PMDeepak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बिहार चुनाव में लगातार उठा-पटक जारी है। एक चौंकाने वाले घटनाक्रम के तहत हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो ने बिहार चुनाव से नाम वापस ले लिया है। कभी महागठबंधन के हिस्से के तौर पर, फिर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान और अब चुनाव से कदम पीछे खींच लेने की कहानी जितनी आसान दिखती है, उतनी है नहीं। इस कहानी के पीछे नाराजगी है और आरोपों के सिलसिले हैं। आखिर क्यों जेएमएम बिहार चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है? आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी...

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क्या बोले झारखंड के नेता
झारखंड में पर्यटन मंत्री और जेएमएम के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार ने इसके पीछे की वजह बताई है। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर आरजेडी और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। सुदिव्य कुमार ने तो इसके पीछे सियासी साजिश तक की बात कह डाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम कांग्रेस और राजद की ओर से गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने की वजह से उठाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि समय आने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका सही ढंग से जवाब देगी। गौरतलब है कि जेएमएम ने यह भी साफ कर दिया है कि वह झारखंड में भी आरजेडी और कांग्रेस के साथ अपने रिश्तों को फिर से आंकेगी। बता दें कि यह दोनों दल, झारखंड में इंडिया गठबंधन के तहत जेएमएम सरकार का हिस्सा हैं।

सीट बंटवारे पर गलत व्यवहार की बात
बिहार चुनाव में झामुमो अपना कोई भी उम्मीदवार नहीं उताएगा। न ही महागठबंधन के किसी भी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार-प्रसार करेगा। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राजद ने झामुमो के साथ गलत व्यवहार किया। इसके चलते झामुमो काफी समय तक उलझा रहा। इसलिए अंततः झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बिहार में चुनाव न लड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि झामुमो ने अपने कई पुराने और मजबूत सीटों को कांग्रेस-राजद के लिए छोड़ दिया था और विधानसभा चुनावों में इनके साथ गठबंधन धर्म निभाया था। हेमंत सोरेन की सरकार में राजद को सीटें दी गईं और उनके विधायकों को मंत्री पद भी मिला। लेकिन बिहार में कांग्रेस और राजद के पक्ष से झामुमो के साथ किए गए अन्याय ने सहिष्णुता की सीमा पार कर दी है।

कांग्रेस पर भी आरोप
सुदिव्य कुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की मजबूत पार्टी होने के बावजूद झामुमो को लेकर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया और न ही मध्यस्थता करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद दोनों ने मिलकर झामुमो के प्रति राजनीतिक छलावा किया जिससे गठबंधन में दरार आ गई। उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार में गठबंधन धर्म तोड़ने की यह राजनीति झारखंड की राजनीति पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगी। उन्होंने कहा कि झामुमो अब बिहार चुनाव में भाग नहीं लेकर अपनी नाराजगी और असंतोष को जाहिर कर रहा है।