बिहार से पलायन करने वालों की पहली पसंद अब दिल्ली क्यों, हावड़ा सिर्फ 10 फीसदी यात्री ही गए

हिन्दुस्तान, सोमनाथ सत्योम, मुजफ्फरपुर
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रेलवे के आंकड़े के मुताबिक जनवरी से जुलाई 2026 के बीच उत्तर बिहार से चार करोड़ से अधिक लोगों ने रेलयात्रा की। इनमें औसतन 40 फीसदी यात्रियों का गंतव्य दिल्ली की ओर रहा। वहीं, करीब 22 प्रतिशत यात्री मुंबई और अहमदाबाद की ओर गए।

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बिहार से पलायन करने वालों की पहली पसंद अभ दिल्ली बन चुकी है। (सांकेतिक तस्वीर)

सोमनाथ सत्योम, हिन्दुस्तान संवाददाता, मुजफ्फरपुर। रोजगार और शिक्षा के अवसरों के विस्तार के साथ अब बिहार से पलायन करने वालों का रुझान भी बदल रहा है। कुछ दशक पहले तक उत्तर बिहार से कोलकाता, सिलीगुड़ी और पूर्वोत्तर के राज्यों की ओर जाने वाले रेल यात्रियों की संख्या अधिक होती थी। लेकिन, अब तस्वीर बदल गई है। बिहार से पलायन करने वालों के लिए अब पसंदीदा शहर दिल्ली है। समस्तीपुर रेलमंडल की ओर से जारी शीर्ष दस स्टेशनों के यात्रियों के आंकड़े दर्शाते हैं कि इस साल के शुरुआती सात माह में यहां से ट्रेनों से यात्रा करने वालों में से 40 फीसदी दिल्ली गए। हावड़ा जाने वाले यात्री महज 10 फीसदी रहे।

रेलवे के आंकड़े के मुताबिक जनवरी से जुलाई 2026 के बीच उत्तर बिहार से चार करोड़ से अधिक लोगों ने रेलयात्रा की। इनमें औसतन 40 फीसदी यात्रियों का गंतव्य दिल्ली की ओर रहा। वहीं, करीब 22 प्रतिशत यात्री मुंबई और अहमदाबाद की ओर गए। मुजफ्फरपुर व समस्तीपुर से महज 10% यात्रियों ने हावड़ा की यात्रा की। शेष 28 फीसदी यात्रियों ने पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, रांची, जबलपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर समेत अन्य शहरों का रुख किया।

पूर्व मध्य रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के मेंबर हरिराम मिश्रा व मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति समस्तीपुर के सदस्य शैलेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार अब प्रवास काम की तलाश के अलावा उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी हो रहा है। ऐसे में बिहार से लोगों का दिल्ली जैसे शहरों की ओर प्रवास अधिक हो रहा है। दिल्ली में नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए भी बड़ी संख्या में बिहार से छात्र जा रहे हैं। मुंबई और अहमदाबाद औद्योगिक व रोजगार के प्रमुख केंद्र होने की वजह से इन शहरों की ओर उत्तर बिहार के यात्रियों की संख्या भी अधिक रहती है।

मुजफ्फरपुर जंक्शन पर सबसे अधिक यात्री

जनवरी से जुलाई तक समस्तीपुर मंडल के शीर्ष दस स्टेशनों पर कुल 4.69 करोड़ से अधिक यात्रियों का फुटफॉल दर्ज किया गया। इनमें से सबसे ज्यादा 1.13 करोड़ से अधिक यात्रियों ने मुजफ्फरपुर जंक्शन से यात्रा शुरू की। दरभंगा जंक्शन पर 77.41 लाख, समस्तीपुर जंक्शन पर 84.25 लाख और सहरसा जंक्शन पर 56.22 लाख से अधिक फुटफॉल दर्ज हुआ।

कमाई में भी मुजफ्फरपुर सबसे आगे

जनवरी से जुलाई 2026 तक समस्तीपुर रेलमंडल के शीर्ष दस कमाई वाले स्टेशनों से रेलवे को 671.74 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई। इसमें अकेले मुजफ्फरपुर जंक्शन की हिस्सेदारी 205.86 करोड़ रुपये रही। कमाई के मामले में दरभंगा जंक्शन 124.60 करोड़ और समस्तीपुर जंक्शन 104.05 करोड़ रुपये के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

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एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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