अभिषेक बंटी ने 24 घंटे में मैदान क्यों छोड़ा? अब नीरज सिन्हा को बांकीपुर लड़ाएगी भाजपा
BJP Bankipur Candidate: बीजेपी ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा खाली की गई बांकीपुर सीट के उपचुनाव में कैंडिडेट बदल दिया है। अभिषेक बंटी के मैदान से हटने के बाद भाजपा ने नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बना दिया है।

BJP Bankipur Candidate: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा खाली की गई बांकीपुर विधानसभा सीट के उप-चुनाव में कैंडिडेट बदल दिया है। भाजपा के घोषित पहले कैंडिडेट अभिषेक सिन्हा बंटी ने नॉमिनेशन के 24 घंटे के अंदर पारिवारिक कारणों से चुनाव से हटने का ऐलान कर दिया। अभिषेक बंटी के मैदान छोड़ते ही पार्टी ने मात्र 28 साल के नौजवान कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बना लिया है, जो शनिवार या सोमवार को नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 13 जुलाई को पर्चा दाखिल करने का आखिरी दिन है, जिस दिन जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर भी अपने जीवन का पहला चुनावी नॉमिनेशन फॉर्म भरेंगे। अभिषेक के मैदान छोड़ने के कारण को लेकर तरह-तरह की चर्चा चल रही है।
अभिषेक सिन्हा बंटी ने गुरुवार को ही नामांकन का पर्चा भरा था और उनके समर्थन में सीएम सम्राट चौधरी समेत एनडीए के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने जनसभा भी की थी। शुक्रवार की शाम पार्टी दफ्तर में अभिषेक बंटी ने मैदान से हटने का ऐलान किया और कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को चुनाव नहीं लड़ने के बारे में औपचारिक सूचना दे दी है। चुनाव से पीछे हटने को लेकर मीडिया के सवाल का बंटी ने जवाब नहीं दिया।
अभिषेक बंटी के परिवार पर कोई कानूनी मामला चुनाव से हटने की वजह?
सूत्रों का कहना है कि अभिषेक सिन्हा बंटी को कैंडिडेट बनाने के बाद पार्टी को कुछ ऐसी जानकारी मिली, जिसे विपक्ष राजनीतिक हथियार बना सकता था। वह मामला क्या है, यह स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आ पाया है, लेकिन चर्चा में कहा जा रहा है कि बंटी के अभिभावक पर कोई कानूनी मामला चल रहा है। विपक्ष इस मामले को उठाकर भाजपा को उप-चुनाव में परेशान कर सकता था, इसलिए यह कदम उठाया गया है। अभिषेक बंटी के बैठने की पुख्ता वजह सामने आने में कुछ समय लग सकता है, क्योंकि फिलहाल वो इस मसले पर किसी सवाल का जवाब नहीं दे रहे हैं।
अभिषेक सिन्हा बंटी पटना में भाजपा संगठन के पुराने कार्यकर्ता हैं और बूथ से बढ़कर विधानसभा चुनाव के टिकट तक पहुंचे थे। उनकी जगह पर कैंडिडेट बनाए गए नीरज कुमार सिन्हा भी बूथ का प्रबंधन देखने वाले कार्यकर्ता ही रहे हैं। 1 जुलाई 1994 को पैदा हुए नीरज सिन्हा 2006 में भाजपा के सदस्य बने थे। पिछले 20 साल में वो पार्टी के बूथ से मंडल तक का काम देख चुके हैं। नीरज के चाचा दिवंगत नरेंद्र भारती भी जनसंघ के कार्यकर्ता थे, जिनका 1984 में निधन हो गया था। भाजपा ने नीरज के चाचा के सम्मान में उस मंडल का नाम इलाके के बदले नरेंद्र भारती मंडल रखा है।


