अब एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के भाई और पिता पर FIR, पुलिस के लपेटे में परिवार
Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के शाहपुर में एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के पिता और भाई पर पुलिस ने घर में अवैध हथियार रखने और अपराधी को संरक्षण देने के आरोप में नामजद एफआईआर दर्ज की है।

Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में पिछले दिनों पुलिस मुठभेड़ में मारे गए चर्चित युवक भरत भूषण तिवारी के मामले में एक बड़ा और नया कानूनी मोड़ सामने आया है। इस पूरे एनकाउंटर कांड को लेकर सूबे की सियासत पहले से ही बेहद गर्म है, लेकिन इस बीच शाहपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मृतक भरत भूषण तिवारी के पिता काशी नाथ तिवारी और उसके भाई चंदन तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों पर किए गए इस मुकदमे के बाद पूरे इलाके में तनाव और भी ज्यादा गहरा गया है, वहीं आम जनता में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर एनकाउंटर में एक बेटे को खोने के बाद पुलिस ने उसके भाई और पिता को किस आरोप में मुल्जिम बनाया है।
घर में अवैध हथियार छिपाने और इनामी अपराधी को संरक्षण देने का गंभीर आरोप
शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के लिखित बयान पर पुलिस ने मुठभेड़ और फायरिंग मामले को लेकर दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। पहली प्राथमिकी सीधे मुठभेड़ को लेकर है, जबकि दूसरी प्राथमिकी में मृतक के पिता काशी नाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को आरोपित किया गया है। पुलिस का सीधा और गंभीर आरोप है कि इन दोनों ने अपने घर के भीतर न केवल भारी मात्रा में अवैध हथियार छिपाकर रखे थे, बल्कि इन्होंने पुलिस से छिप रहे अपराधी भरत भूषण तिवारी को अपने घर में पनाह और संरक्षण देने का काम भी किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जब छापेमारी के दौरान परिजनों से घर में मौजूद हथियारों और भरत के बारे में कड़ाई से पूछताछ की गई, तो दोनों पूरी तरह खामोश रहे और पुलिस टीम को गुमराह करने का प्रयास किया।
दरवाजा खुलते ही तान दी थी पिस्टल
पुलिस के अनुसार, 17 जून की सुबह करीब 5:10 बजे जब पुलिस टीम सटीक इनपुट के आधार पर हथियार की बरामदगी के लिए बिलौटी गांव स्थित भरत भूषण तिवारी के घर पहुंची और घेराबंदी कर दरवाजा खुलवाया, तो दरवाजा खुलते ही भरत ने तत्कालीन थानाध्यक्ष पर पिस्टल तानकर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। स्थिति को भांपते हुए पुलिसकर्मी पीछे हटे, जिसके बाद भरत घर की छत पर चढ़ गया और पुलिस पर कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव आकर सिस्टम के खिलाफ आक्रामक वीडियो बनाने वाले भरत की इस एनकाउंटर में मौत हो गई। इस घटना के बाद सूबे के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा समेत कई शीर्ष भाजपा नेताओं ने पुलिसिया कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण से प्रेरित बताते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


