पटना कोर्ट को बम से उड़ाने का मेल किसने भेजा? जैसलमेर, चेन्नई से खाली हाथ लौटी बिहार पुलिस
पटना सिविल कोर्ट समेत बिहार की विभिन्न अदालतों को पिछले दिनों बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने राजस्थान के जैसलमेर और तमिलनाडु के चेन्नई में दबिश दी, लेकिन ईमेल भेजने वाले का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

बिहार की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। तकनीकी जांच में राजस्थान और तमिलनाडु से मेल भेजे जाने की बात सामने आई। बिहार पुलिस की टीम आईपी एड्रेस को ट्रैक कर दोनों राज्यों में भी गई। मगर वहां कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। पुलिस टीम जैसलमेर (राजस्थान) और चेन्नई (तमिलनाडु) से खाली हाथ लौट गई है। पिछले दिनों पटना सिविल कोर्ट समेत बिहार की विभिन्न अदालतों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
पटना सिविल कोर्ट को इसी महीने 9 से 12 फरवरी के बीच 3 बार धमकी भरा ईमेल मिला। इसके चलते अदालत में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई थी। सुरक्षाबलों ने तीनों दिन कोर्ट परिसर की गहनता से जांच की लेकिन भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। आशंका जताई गई कि असामाजिक तत्वों ने यह अफवाह फैलाई। इसके बाद पटना के पीहरबोर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मेल भेजने वाले का पता लगाने और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। पीहरबोर थाने के दो दारोगा के साथ ही साइबर सेल को भी एसआईटी में रखा गया। पुलिस तकनीकी जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि किस पते से ये ईमेल भेजे गए थे और उन्हें भेजने वाला शख्स कौन है।
सूत्रों की मानें तो तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि ईमेल राजस्थान या तमिलनाडु से आए हैं। इसके बाद विशेष टीम के सदस्य तीन दिन राजस्थान के जेसलमेर में पहुंचे औ जांच की। मगर वहां कुछ भी सुराग हाथ नहीं लग पाया। इसके बाद तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी दो दिनों तक खोजबीन की, मगर वहां भी जांच बेनतीजा रही। इसके बाद पुलिस टीम वापस पटना लौट आई।
दो सप्ताह पहले पटना सिविल कोर्ट समेत भागलपुर, औरंगाबाद, गयाजी समेत अन्य कई शहरों की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। अधिकतर अदालतों में आरडीएक्स और आईईडी धमाके का इस्तेमाल करने का दावा किया गया था। इन धमकियों के कारण कोर्ट परिसर को खाली कराया गया था। साथ ही, न्यायिक कार्य बाधित हुए थे। सैकड़ों केस की सुनवाई इससे प्रभावित हुई थी।
पटना सिविल कोर्ट में तीन दिन कार्य बाधित होने से पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की जमानत पर सुनवाई भी टालनी पड़ी थी। हालांकि, बाद में उन्हें कब्जा, जालसाजी और हंगामा के दो मामलों में जमानत मिल गई थी।
(पटना से वरीय संवाददाता की रिपोर्ट के आधार पर)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


