कौन है संतोष डॉन जिसे बिहार STF ने दबोच लिया, जमीन माफिया पर 2 दर्जन से ज्यादा हैं केस
बिहार पुलिस ने कुख्यात जमीन माफिया संतोष डॉन को आखिरकार दबोच ही लिया। पिछले ही महीने ईओयू की टीम ने संतोष डॉन के कई ठिकानों पर एक साथ रेड डाली थी। इस रेड के दौरान कई कागजातों को खंगाला भी गया था।

बिहार के बड़े भू-माफियाओं में शामिल पटना और नालंदा जिले के कुख्यात अपराधी संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार उर्फ संतोष डॉन को बिहार एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। बिहार पुलिस की यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। गिरफ्तारी के बाद कुख्यात संतोष डॉन को पटना के खुसरूपुर थाने को सौंप दिया गया है। संतोष डॉन पर पटना, नालंदा एवं आर्थिक अपराध इकाई में लगभग 02 दर्जन से अधिक हत्या का प्रयास, रंगदारी, रंगदारी के लिए हत्या, भू- माफिया जैसी विभिन्न जघन्य अपराध के कांड दर्ज हैं। पिछले दिनों आर्थिक अपराध इकाई ने भी उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी।
कुख्यात संतोष डॉन के बारे में बताया जा रहा है कि साल 2015 में वो जरायम की दुनिया में उतरा था। इससे पहले आर्थिक अपराध ईकाई (ईओयू) ने इसी साल जून के महीने में संतोष डॉन के पटना के खुसरूपुर, नालंदा और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में दबिश दी थी। दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ ईओयू ने छापेमारी की इस कार्रवाई को अंजाम दिया था जिससे की हड़कंप मच गया था। उस वक्त ईओयू ने 25 ठिकानों पर कार्रवाई की थी। जांच टीम ने संतोष डॉन के पैतृक गंव रहुई प्रखंड के खिदरचक और पचासा समेत उसके सभी आलीशान घरों और अन्य व्यवसायिक परिसरों की गहन तलााशी ली थी।
संतोष डॉन के बारे में कहा जाता है कि संतोष डॉन का रसूख उसके इलाके में काफी ज्यादा है। उसके खिलाफ काफी अरसे से गरीब किसानों की जमीन कब्जाने, फर्जी कागजात तैयार कर सरकारी और निजी भूमि हड़पने तथा कारोबारियों से मोटी रकम बतौर रंगदारी वसूलने का केस दर्ज है। इसके अलावा लोगों को सरेआम धमकाने और गोलीबारी करने भी संतोष डॉन वांछित रहा है।
संतोष डॉन के खिलाफ सबसे अधिक मामले पटनाा जिले के खुसरूपुर थाने में द्ज हैं। इसके अलावा फतुहा, नालंदा के भगवान बिगहा और सोहसराय थानों में भी उसपर केस दर्ज हैं। इनमें आर्म्स ऐक्ट, जानलेवा हमला और जमीन कब्जाने के केस शामिल हैं। यह भी कहा जाता है कि उसने अपने रिश्तेदारों से भी अकूत संपत्ति अर्जित की है। यह भी कहा जाता है कि उसने अपने ही गांव में कई घरों पर भी कब्जा कर लिया। उस वक्त ईओयू की टीम ने खुसरूपुर के पचरुखिया, जगमालबीघा, सुकरबेगचक, मुस्तफापुर और चौड़ा समेत कई स्थानों पर बेनानी प्रॉपर्टी को बारीकी से खंगाला था। उस छापेमारी में बड़ी संख्या में चल-अचल संपत्ति का पता चला था।


