उपेंद्र कुशवाहा या शिवेश राम, राज्यसभा चुनाव में बिहार से NDA के 5वें कैंडिडेट कौन हैं?

Ritesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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Bihar NDA Rajya Sabha Election: बिहार में 5 सीट के राज्यसभा चुनाव का मतदान 16 मार्च को है। उससे पहले NDA के विधायकों को बता दिया जाएगा कि किस कैंडिडेट को कौन वोट देगा। एनडीए के लिए 5वां प्रत्याशी कौन है, यह पहेली बनी हुई है।

बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव के लिए 5 दिन बाद होने जा रहे मतदान में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनातांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5वें कैंडिडेट की पहेली अब तक सुलझी नहीं है। लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के एक कैंडिडेट उतारने से मतदान की नौबत आई है, नहीं तो 5 सीट पर एनडीए के 5 कैंडिडेट निर्विरोध जीत जाते। एनडीए से 5 सीटों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष व सीएम नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर के अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा कैंडिडेट हैं। राजद ने मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह उर्फ एडी सिंह को फिर से लड़ाया है।

राज्यसभा चुनाव के नियमों के मुताबिक 5 सीट पर चुनाव के लिए 243 सदस्यों वाली विधानसभा में 41 वोट लाकर एक कैंडिडेट जीत सकता है। चुनाव में 6 कैंडिडेट उतरे हैं, इसलिए 12 साल के बाद राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के हालात बने हैं। 2014 के राज्यसभा चुनाव में भी मतदान से एमपी चुने गए थे। मजेदार तथ्य यह है कि 202 विधायकों वाला एनडीए 4 सीट तो आराम से निकाल लेगा। 41-41 वोट के हिसाब से 164 विधायकों का वोट 4 प्रमुख कैंडिडेट को डलवाने के बाद एनडीए के पास 38 वोट बचेंगे, जो उसके 5वें कैंडिडेट को मिलेगा।

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बीजेपी और जेडीयू को इस 5वें कैंडिडेट के लिए कम से कम 3 और वोट का जुगाड़ गैर-एनडीए खेमे से करना होगा। राज्यसभा के चुनावों में भाजपा जोड़-तोड़ से इस तरह के आपदा को अवसर में बदलती रही है। इसलिए एनडीए के 5वें कैंडिडेट के लिए चिंता की बात तो है, लेकिन उसके पास ‘मैं हूं ना’ कहने वाले बड़े नेता और चुनाव मैनेजर हैं।

बीजेपी के पाले में है एनडीए का 5वां कैंडिडेट चुनने का सवाल

लेकिन, सवाल यह है कि 4 कैंडिडेट जिताने के बाद जिस 5वें कैंडिडेट के लिए एनडीए 38 वोट को रखेगा, वो कौन होंगे। जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर दिल्ली जाने के लिए राजी हुए हैं, जबकि बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को लड़ाया है। इनके नाम लिस्ट में सबसे ऊपर होंगे। बीजेपी के पास 89 और जेडीयू के पास 85 विधायक हैं। दोनों अपने-अपने दम पर 2-2 सीट निकाल लेगी। जेडीयू नीतीश और रामनाथ ठाकुर को 82 वोट ट्रांसफर करेगी।

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भाजपा के 89 में 41 विधायक नितिन नवीन को ही वोट करेंगे। भाजपा के बचे 48 विधायकों में 41 एमएलए को अपने नेता शिवेश राम को वोट देने कहा जाएगा या सहयोगी दल रालोमो के नेता उपेंद्र कुशवाहा को, यह सस्पेंस अभी तक बना हुआ है। सामान्य राजनीतिक समझ कहती है कि एनडीए के 5वें कैंडिडेट उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम में कोई एक हो सकते हैं।

कांग्रेस, बसपा और आईआईपी के विधायकों पर बीजेपी-जेडीयू की नजर

41-41 वोट 2-2 कैंडिडेट को देने के बाद बीजेपी के पास 7 और जेडीयू के पास 3 वोट एक्स्ट्रा होंगे। यह 10 वोट 5वें कैंडिडेट को जाएगा। एनडीए के इस 5वें कैंडिडेट को चिराग पासवान की लोजपा-आर के 19, जीतनराम मांझी की हम के 5 और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो के 4 वोट कुल 28 मत मिलने हैं। एनडीए के 38 वोट के ऊपर जीत के लिए घट रहे 3 वोट का जुगाड़ करने के लिए बीजेपी और जेडीयू की नजर विपक्षी विधायकों पर है। विपक्ष में महागठबंधन के 35, असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के 5 और मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के 1 विधायक शामिल हैं। सरकार चला रहे लोगों की खास नजर कांग्रेस, बसपा और आईआईपी पर है।

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आरजेडी के कैंडिडेट एडी सिंह धनबली हैं तो एनडीए का 5वां कैंडिडेट सरकारबली होगा। इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी के चीफ आईपी गुप्ता, बसपा के अकेले विधायक सतीश सिंह यादव और कांग्रेस के कुछ एमएलए कमजोर पड़े तो एनडीए का 5वां कैंडिडेट 2-4 वोटों के अंतर से जीत जाएगा। लेकिन, अगर 41 गैर-एनडीए विधायक एकजुट रहे तो एनडीए के 5वें कैंडिडेट का दिल्ली जाना मुश्किल में पड़ सकता है। एनडीए के सभी विधायकों को सम्राट चौधरी ने आज गुरुवार की शाम अपने आवास पर बुलाया है। सम्राट की मेजबानी वाले रात्रि भोज में राज्यसभा के किस कैंडिडेट का स्वाद बिगड़ता है, अब सबकी दिलचस्पी उस 5वें प्रत्याशी का नाम जानने में है।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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