बांकीपुर से बीजेपी के नए कैंडिडेट नीरज सिन्हा कौन हैं? अभिषेक बंटी के हटने से लगी टिकट वाली लॉटरी
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा बंटी के पीछे हटने के बाद पार्टी के दूसरे साधारण कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा की टिकट वाली लॉटरी लग गई है। नितिन नवीन का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर बीजेपी ने 28 साल के ग्रेजुएट युवा को मैदान में उतारा है।

बिहार के पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के नए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा की उम्र महज 28 साल है। वह मूलरूप से पटना के ही रहने वाले हैं और छात्र जीवन से ही राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। बीजेपी ने अभिषेक कुमार सिन्हा बंटी के नामांकन के बाद चुनावी मैदान से पीछे हटने के बाद नीरज को टिकट दिया। नीरज सिन्हा बीजेपी के एक साधारण कार्यकर्ता है। 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव में उनकी टक्कर जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की रेखा गुप्ता समेत अन्य उम्मीदवारों से होगा।
बांकीपुर से बीजेपी के नए कैंडिडेट बनाए गए नीरज सिन्हा, पूर्व प्रत्याशी अभिषेक बंटी की तरह ही एक साधारण कार्यकर्ता हैं। वह भाजपा के बूथ लेवल के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं। वह बूथ अध्यक्ष और मंत्री रह चुके हैं। बांकीपुर उपचुनाव में वह ग्राउंड पर अन्य कार्यकर्ताओं के साथ प्रचार में जुटे हुए थे। तभीअचानक उनके नाम का ऐलान हुआ तो, जैसे टिकट की उनके लिए लॉटरी लग गई हो।
कितने पढ़े-लिखे हैं नीरज सिन्हा?
नीरज सिन्हा के माता-पिता का देहांत हो चुका है। उन्होंने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है और अभी तक उनकी शादी नहीं हुई है। बचपन से ही उनका राजनीति में जुड़ाव रहा है। नीरज ने 2006 की उम्र में बीजेपी की सदस्यता ले ली थी। इसके बाद वह नरेंद्र भारती मंडल के बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री, भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष पद पर रहे।
नीरज सिन्हा के चाचा दिवंगत नरेंद्र भारती जनसंघ काल से पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं। उनका 1984 में देहांत हो गया था। इसके बाद उनके नाम पर मंडल का नाम नरेंद्र भारती मंडल रखा गया।
बांकीपुर सीट पर चुनाव कब है?
पटना शहर की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान होगा। इसके बाद 3 अगस्त को मतगणना के बाद नतीजे जारी किए जाएंगे। नामांकन की आखिरी तारीख 13 जुलाई है।
बीजेपी ने नामांकन के बाद बदला प्रत्याशी
बांकीपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी के रूप में अभिषेक कुमार सिन्हा बंटी ने गुरुवार को नामांकन कर दिया था। उनके समर्थन में एनडीए की बड़ी रैली भी आयोजित की गई थी, जिसको सीएम सम्राट चौधरी समेत अन्य वरीय नेताओं ने संबोधित किया था। फिर शुक्रवार शाम को अचानक अभिषेक बंटी ने नामांकन वापस लेने का ऐलान कर दिया, जिससे सीट का पूरा सियासी गणित बदल गया।
बांकीपुर में बीजेपी ने क्यों बदला उम्मीदवार?
बांकीपुर विधानसभा सीट से बीजेपी ने प्रत्याशी क्यों बदला इस पर चर्चाओं का दौर जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार अभिषेक बंटी ने पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ने की बात कही। इसके तुरंत बाद पार्टी ने नीरज सिन्हा के रूप में नए उम्मीदवार का ऐलान कर दिया। हालांकि, राजनीतिक जानकार इसे एक सियासी रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं।
बीजेपी का गढ़ है बांकीपुर सीट, नितिन नवीन 5 बार विधायक रहे
बिहार विधानसभा की बांकीपुर सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। यहां से पार्टी के राष्ट्रीय अधय्क्ष नितिन नवीन लगातार 5 बार विधायक रहे। इससे पहले उनके पिता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा 4 बार यहां से एमएलए चुने गए। नितिन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई तो इस पर उपचुनाव हो रहे हैं। बीजेपी ने नीरज सिन्हा के रूप में एक युवा एवं साधारण कार्यकर्ता को टिकट दिया है, जो पीके और रेखा गुप्ता जैसे धुरंधरों को टक्कर देंगे।


