
कृष्णा अल्लावरु या राजेश राम के बदले बिहार में कौन बांट रहा है कांग्रेस का टिकट और सिंबल?
संक्षेप: बिहार में कांग्रेस के टिकट बंटवारे पर पार्टी में महाभारत चालू है। टिकट बेचने के आरोप लग रहे हैं। आरोप लगाने वाले कृष्णा अल्लावरु, राजेश राम, शकील अहमद खान और पप्पू यादव को टिकट में भेदभाव और धांधली का विलेन बता रहे हैं।
बिहार में सीट बंटवारे के बिना ही महागठबंधन के बाकी दलों की तरह सिंबल बांट रही कांग्रेस के कैंडिडेट चयन के लिए जिम्मेदार नेताओं पर टिकट बेचने का आरोप लग रहा है। कटिहार के सांसद तारिक अनवर तक खुलकर भेदभाव का आरोप लगा चुके हैं। कांग्रेस के कई नेता तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, सह प्रभारी देवेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, विधायक दल के नेता शकील अहमद खान और पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को टिकट में धांधली का विलेन बता रहे हैं।

सीट बंटवारे पर लालू यादव और तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से सहमति नहीं बनने से लेकर कांग्रेस में टिकट बंटवारे तक, सबके टारगेट कृष्णा अल्लावरु हैं, जो अब दिख भी नहीं रहे हैं। सोशल मीडिया पर कांग्रेस के उम्मीदवारों को होटल के कमरे से सिंबल बांटते एक नेता का फोटो वायरल है और लोग पूछ रहे हैं कि ये हैं कौन, किस हैसियत से सिंबल दे रहे हैं।
टिकट बेच दिया, अल्लावरू ने धोखा किया; कांग्रेस प्रदेश सचिव रहे अनुराग सिंह ने इस्तीफा देकर क्या कहा
हमने जब वायरल फोटो वाले नेता की पड़ताल की तो पता चला कि ये झारखंड के कांग्रेस नेता कुमार गौरव हैं। झारखंड युवा आयोग के अध्यक्ष हैं। पहले युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड कांग्रेस के महासचिव भी रह चुके हैं। कुमार गौरव बिहार चुनाव के वॉर रूम प्रभारी हैं इसलिए बिहार चुनाव में सक्रिय हैं। कुमार गौरव के पिता राजेद्र सिंह कांग्रेस के मजदूर यूनियन इंटक के कद्दावर नेता रहे और बोकारो जिला की बेरमो सीट से 6 बार विधायक बने। राजेंद्र के निधन के बाद उनके एक बेटे कुमार जयमंगल उसी सीट से लगातार दूसरी बार एमएलए बने हैं। कुमार गौरव उनसे छोटे हैं और इस समय राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष हैं।
10 सीटें भी नहीं जीत पाएगी पार्टी, कांग्रेस नेताओं ने ही कर दिया ऐलान; टिकट बंटवारे पर घमासान
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के सोशल मीडिया पर दिख रहा है कि कृष्णा अल्लावरु ने ही कुटुंबा से लड़ने का सिंबल उन्हें दिया था। राजेश राम और सह प्रभारी देवेंद्र यादव के भी कुछ सिंबल देने का फोटो है। लेकिन विरोध और बवाल बढ़ने के बाद ये लोग सिंबल देने से अलग हो गए। उनके सीन से हटने के बाद गौरव टिकट बांटने लगे। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजेश मुनन भी कुछ फोटो में नजर आ रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पहले राजेश राम, अल्लावरु गर्दनीबाग स्थित वार रूम में टिकट बांट रहे थे। वहां विरोध होने लगा तो ताज होटल से बांटने लगे। लेकिन विरोध करने वाले वहां भी धमक गए तो फिर कुमार गौरव और ब्रजेश मुनन से बंटवाने लगे।
तारिक अनवर के निशाने पर अल्लावरु या राजेश राम? कहा- कांग्रेस के टिकट में भेदभाव हुआ है
इस बीच तेजस्वी यादव ने दूसरे चरण के नामांकन के आखिरी दिन यानी सोमवार की सुबह 143 सीटों पर राजद के कैंडेडिट की पूरी लिस्ट जारी कर दी है। 2020 में राजद 144 सीटों पर लड़ी थी और उसमें 75 जीत गई थी। कांग्रेस ने तीन किस्त में अब तक 60 कैंडिडेट की सूची जारी की है। कांग्रेस 2020 में 70 सीट लड़ी थी और मात्र 19 जीत पाई थी। महागठबंधन में लगभग दर्जन भर सीट पर कांग्रेस, राजद, वामपंथी दल या वीआईपी के कैंडिडेट एक-दूसरे से भी लड़ रहे हैं। राजद ने राजेश राम की सीट कुटुंबा से कोई कैंडिडेट नहीं दिया है, जिसको लेकर दोनों दलों के बीच अब तक गतिरोध था। नीचे दो-तीन फोटो, जिसमें दिख रहा है कि अल्लावरु, राजेश राम और देवेंद्र यादव ने भी कुछ सिंबल पहले बांटे थे।








