कभी सब्जी बेची तो कभी रिक्शा चलाया, कौन हैं बिहार के झंडू जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेल में देश को दिलाया पहला पदक

हिन्दुस्तान, पटना/बिहारशरीफ
Follow us on Google News
share

बिहार के झंडू ने ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में देश का मान बढ़ाया है। झंडू ने पैरा पावर लिफ्टिंग के हैवीवेट वर्ग में तीसरे स्थान पर रहते हुए झंडू ने देश के लिए कांस्य पदक हासिल किया। झंडू कभी सब्जी बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। 

बिहार के झंडू ने जीता पदक
बिहार के झंडू ने जीता पदक

कभी सब्जी बेचने वाले और ई-रिक्शा चलाने वाले हरनौत के लाल झंडू ने इस बार पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। झंडू ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल में भारत के लिए पदक का खाता खोलकर शान से तिरंगा लहराया। पैरा पावर लिफ्टिंग के हैवीवेट वर्ग में तीसरे स्थान पर रहते हुए झंडू ने देश के लिए कांस्य पदक हासिल किया। उसकी सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर बधाई दी है। झंडू की सफलता से हरनौत में जश्न का माहौल है। परिवार को दिनभर बधाई संदेश मिलते रहे। बाजार में मिलने वाले लोगों ने परिवार को बधाई दी।

झंडू के माता-पिता अब भी हरनौत बाजार में एनएच-20 के किनारे रेहड़ी पर आलू-प्याज बेचकर अपना परिवार चला रहे हैं। बड़े भाई कुंदन कुमार ने बताया कि झंडू ने मुकाबले से पहले फोन किया था। उसने बताया था कि रात 10 बजे से मुकाबला शुरू होगा। हालांकि, रात को दो बजे मुकाबला शुरू हुआ। परिवार के लोग परिणाम जानने के लिए रातभर जागते रहे। मुकाबले से पहले उसने फोन कर मां का आशीर्वाद लिया था। मां ने पदक जीतकर आने का आशीर्वाद दिया था। मेडल जीतने के बाद उसने मां को फोन कर बताया कि आपके आशीर्वाद से पदक जीत गया हूं।

पांच साल की उम्र में पोलियो ने झंडू को दिव्यांग बना दिया था। लोगों के ताने और उस पर गरीबी की मार। माता-पिता के साथ आलू-प्याज बेचे। पर हार नहीं मानी। बिहार के नालंदा जिले के हरनौत के उसी झंडू कुमार ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में झंडे गाड दिए। उन्होंने पैरा पावरलिफ्टर ने कांस्य पदक के साथ भारत का खाता खोला। झंडू ने शुक्रवार देर रात पुरुष हेवीवेट वर्ग में कुल 190 किलोग्राम भार के साथ 130.9 अंक हासिल कर तीसरा स्थान हासिल किया। 28 वर्षीय झंडू ने ग्रुप-बी से खेलते हुए पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलो वजन उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलो वजन उठाकर बर्मिंघम 2022 का गेम्स रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस (132.8 अंक) ने स्वर्ण और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग (131.0 अंक) रजत पदक जीता।

तकनीकी गलती से स्वर्ण चूके

झंडू ने कहा, शुरुआती भार मैंने सुरक्षित रखा क्योंकि अगर उसी में असफल हो जाता तो आत्मविश्वास टूट जाता। दूसरा भार पदक सुनिश्चित करने के लिए था और तीसरा स्वर्ण के लिए। तकनीकी गलती और जल्दबाजी में सांस लेने की वजह से मैं स्वर्ण से चूक गया।

कोच - खिलाड़ियों ने दी बधाई

झंडू के कोच कुंदन कुमार पांडेय तथा कई खिलाड़ियों नेउनके माता-पिता को बधाई दी और मिठाई खिलायी। कोच ने कहा कि यह सिर्फ नालंदा ही नहीं, बल्कि देश के लिए गौरव की बात है।

किराये के मकान में रहता है परिवार

झंडू चार भाइयों व तीन बहनों में छोटा है। परिवार मूल रूप से सबनहुआ-डीह का रहने वाला है। अब हरनौत में ही किराये के मकान में रहता है। पहले उसका नाम झुन्नू था। विकलांग होने की वजह से लोग उसे झंडू पुकारने लगे। वह सब्जी की दुकान पर पिता का हाथ बंटाया करता था।

सीएम ने झंडू को बिहार का गौरव बताया

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेल में पदक जीतने वाले बिहार के झंडू कुमार को बधाई दी है। शनिवार को उन्होंने ऐक्स पर लिखा कि पुरूषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 190 किलो भार उठाकर कांस्य पदक जीतने और भारत के लिए पहला पदक जीतने वाले बिहार के गौरव झंडू कुमार को हार्दिक शुभकामनाएं। सीएम ने आगे लिखा कि आपने अदम्य साहस, संघर्ष और संकल्प से सिद्ध किया की परिस्थितियां बड़े सपनों की राह रोक नहीं सकती हैं।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar News के साथ-साथ Patna, Muzaffarpur, Bhagalpur और बिहार के अन्य जिलों की ताज़ा खबरें और पटना का मौसम हिंदी में जानने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi NewsBihar Newsकौन हैं बिहार के झंडू जिन्होंने देश को दिलाया पहला पदक, कभी सब्जी बेचते थे