…बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है; नीतीश-निशांत पर आनंद मोहन के बयान के वायरल वीडियो का सच क्या?
Anand Mohan News: आनंद मोहन का एक वीडियो बयान वायरल है, जिसमें वो कहते दिखे कि- स्वास्थ्य मंत्रालय इसलिए दिया गया कि बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है। वीडियो कट-पेस्ट का कमाल था। शुरुआती हिस्सा कटने से मतलब ही बदल गया था।

Anand Mohan News: पूर्व सांसद आनंद मोहन का नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर एक वीडियो बयान वायरल है, जिसमें वो कहते सुने जा सकते हैं कि- स्वास्थ्य मंत्रालय इसलिए दिया गया कि बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है। आनंद मोहन ने इसी बयान में नीतीश की मजबूरी का पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा फायदा उठाने और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में मंत्री बनाने में पैसे के खेल का भी आरोप लगाया था। नतीजा है कि वो जदयू और भाजपा के नेताओं के निशाने पर हैं और उन्हें जेल से निकलने में नीतीश की कृपा याद दिलाई जा रही है और चुनौती दी जा रही है कि ताकत है तो सांसद पत्नी लवली आनंद और विधायक बेटे चेतन आनंद से इस्तीफा करवाकर दोनों को फिर से जिता लें। उनके भाषण का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत वाले बयान का शुरुआती हिस्सा काटकर वायरल करने से मतलब बदल गया है।
बिना काट-छांट वाले वीडियो में आनंद मोहन बाप-बेटे वाली बात को इस तरह रखते सुने जा सकते हैं- ‘हमने कहा कि अगर पार्टी बचानी है और सरकार में भी प्रतिनिधित्व लेना है, तो उप-मुख्यमंत्री बनाइए निशांत कुमार को। और तब साथियों, निशांत को बड़ी चालाकी से… मान नहीं रहा है, मान नहीं रहा है। और अचानक टीम निशांत को पूछे बगैर निशांत कुमार को ले उड़ते हैं लोग और मंत्री बना देते हैं। ये स्वास्थ्य मंत्री, ये मंत्रालय नहीं है, आंख खोल लो, ये निशांत कुमार के साथ छल है और ये घोर मजाक है। आज क्यों बोल रहे हैं कि सचमुच स्वास्थ्य मंत्री के लायक ये हैं। लोग ट्रोल करते हैं कि स्वास्थ्य मंत्रालय इसलिए दिया गया कि बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है। ये भी कोई और नहीं बोलते, तुम्हारे ही कारिंदे बोलते हैं। तुम्हारा ही आईटी सेल बोलता है।’
आनंद मोहन ने इसी भाषण के दौरान कहा था कि धड़ल्ले से टिकट बेचा गया और मंत्री का पद भी करोड़ों में बेचा गया। उन्होंने जेडीयू के एक शीर्ष नेता का नाम लिए बिना अपनी बेटियों को भी सेट करने का आरोप लगाया और उसके बदले टिकट देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जेडीयू पर तीन तिलंगे नहीं, चार लोगों की चांडाल चौकड़ी ने प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह नीतीश का सफाया नहीं है, यह पिछड़ों के राज का सफाया है।
जेडीयू की तरफ से मंत्री लेशी सिंह समेत नीरज कुमार, संजय सिंह और निहोरा यादव ने इन बयानों को लेकर आनंद मोहन की आलोचना की है। पार्टी ने तो सीधे यहां तक कह दिया कि पार्टी में आनंद मोहन नहीं, उनके बेटे और पत्नी हैं। भाजपा के नेता और सवर्ण आयोग के सदस्य राज कुमार सिंह ने 2000 के विधानसभा चुनाव में आनंद मोहन की तब की पार्टी बिपीपा का टिकट खरीदने का आरोप लगाया है।


