Fact Check: क्या उस महिला आयुष डॉक्टर ने नौकरी छोड़ दी, जिसका नकाब नीतीश ने हटाया था?
Nitish Ayush Doctor Niqab Removal Controversy: सोशल मीडिया पर ये खबर फैली हुई है कि उस महिला आयुष डॉक्टर ने नौकरी छोड़ दी है, जिसका नकाब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र देने के दौरान हटाया था। जानते हैं सच्चाई।

Nitish Ayush Doctor Niqab Removal Controversy: बिहार के सीएम नीतीश कुमार एक महिला आयुष डॉक्टर को नियुक्ति पत्र देने के दौरान उसका नकाब हटाकर विवादों में पड़ गए हैं। विपक्षी दलों के नेता इस प्रकरण को लेकर फिर से उनकी उम्र, उनकी मानसिक सेहत पर सवाल उठाने लगे हैं, जिसे विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी सक्रियता से उन्होंने दबा दिया था। सोशल मीडिया पर खबर चल रही है कि उस महिला डॉक्टर ने सरकारी नौकरी छोड़ दी है, बिहार छोड़ दिया है और कोलकाता में अपने परिवार के पास चली गई है। क्या है इस मामले की सच्चाई, ये जानते हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक महिला डॉक्टर ने अब तक कोई ऐसी सूचना सरकार को नहीं दी है। ये बात भी विभाग के लोग बता रहे हैं कि नियुक्ति पत्र लेने के बाद सेवा में योगदान (ज्वाइन) करने के लिए समय मिलता है। सूत्रों ने बताया कि 2024 में भी कुछ आयुष चिकित्सकों को ज्वाइनिंग लेटर मिला था, लेकिन उनमें अब भी कुछ लोगों ने नौकरी नहीं पकड़ी है। ऐसे में महिला आयुष डॉक्टर के पास नियुक्ति पत्र लेने के बाद सरकारी सेवा में योगदान देने के लिए भी काफी समय है। विभाग के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो सोशल मीडिया पर चल रही है। सामान्य तौर पर विभाग एक साल तक योगदान देने का इंतजार करता है। 2024 वाले जिन डॉक्टरों ने ज्वाइन नहीं किया है, उन्हें कुछ समय पहले 15 दिन में योगदान देने का नोटिस भेजा गया है।
सोशल मीडिया और कुछ न्यूज वेबसाइट पर चल रही खबरों में महिला डॉक्टर की पहचान नुसरत परवीन के तौर पर की गई है। उनके भाई के हवाले से कोलकाता के पत्रकार शाहनवाज अख्तर ने अपनी वेबसाइट ई-न्यूजरूम पर छपी रिपोर्ट में लिखा है कि नुसरत परवीन नौकरी ज्वाइन करने से मन कर रही हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नुसरत के भाई कोलकाता में ही एक लॉ कॉलेज में प्रोफेसर हैं। नुसरत के पति कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज में क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट हैं। रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि परिवार नुसरत को समझा रहा है, लेकिन वो सदमे में हैं।
नुसरत परवीन के भाई या पति या किसी दूसरे सदस्य का वीडियो बयान इस मामले में नहीं आया है। सारी खबरें उस रिपोर्ट के आधार पर चल रही हैं, जो कोलकाता के पत्रकार ने लिखी है। नुसरत परवीन के नौकरी करने या नहीं करने का फैसला आधिकारिक रूप से ना तो परिवार ने बताया है, ना ही विभाग को ऐसी कोई जानकारी नुसरत ने भेजी है। इसलिए इस समय यह कहना कि वो नौकरी नहीं करेगी या करेगी, एक अनुमान भर है।


