हड़ताल पर गए सीओ को विजय सिन्हा की अंतिम चेतावनी, काम पर नहीं लौटे तो कल से...
विजय सिन्हा ने अंचलाधिकारियों से हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि हड़ताल खत्म करेंगे, तभी सरकार संवाद करेगी। अगर सीओ कल से काम पर नहीं लौटे तो उन्हें निलंबित कर बीडीओ को प्रभार दिया जाएगा।
बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हड़ताल पर गए अंचलाधिकारी (सीओ) को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सभी सीओ कल से काम पर लौट जाएं नहीं तो उनका निलंबन शुरू कर दिया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सिन्हा ने सोमवार को स्पष्ट किया कि हड़ताल खत्म होगी, तभी सरकार बात करेगी। संवाद से ही समाधान होगा। उन्होंने सीओ से कहा कि वे भौकाल से भय पैदा नहीं करें और अराजकता की स्थिति नहीं बनाएं।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सोमवार को पटना में नई सरकार के 100 दिन पूरे होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मीडिया से संवाद के दौरान उन्होंने हड़ताल पर गए अंचलाधिकारियों से आग्रह किया कि वे किसी के बहकावे में ना आएं। उन्होंने कहा कि सीओ को प्रमोशन मिलता है। वे प्रमोट होकर डीसीएलआर से भी ऊपर के पदों पर जाते हैं। अनुमंडल राजस्व अधिकारी भी बनते हैं।
बीडीओ को देंगे सीओ का प्रभार
हड़ताल से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कामकाज नहीं रुके इसके लिए राज्य सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाना शुरू कर दिया है। सिन्हा ने कहा कि सरकार हड़ताल करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतेगी। उनकी जगह अस्थायी बहाली की जाएगी। सीओ मंगलवार से काम पर नहीं लौटे तो उन्हें निलंबित किया जाएगा। उनकी जगह प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को प्रभार दिया जाएगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इंतजार की घड़ी समाप्त हो गई है और सीओ तुरंत काम पर लौट जाएं।
राजस्व विभाग के कर्मी परिवार के सदस्य- सिन्हा
विजय सिन्हा ने राजस्व कर्मियों से कहा कि हमारा विभाग एक परिवार होता है। हम अपने परिवार के हर सदस्य के सम्मान, सुरक्षा और उन्नति का ध्यान रखेंगे। काम पर योगदान दें। आपकी उचित मांगों को नियम अनुकूल हर समाधान करेंगे। उन्होंने कहा कि वह हड़ताल के सख्त खिलाफ हैं। तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन से समाधान नहीं हो सकता है।
बता दें कि बिहार के अंचलाधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कामकाज प्रभावित हो गया है। अंचलों में जमीन से जुड़े काम अटक गए हैं। इससे रैयतों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि बिहार राजस्व सेवा संघ आह्वान पर यह हड़ताल बुलाई गई है। अंचलाधिकारियों की मांग है कि उनकी भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) के पद पर तैनाती की जाए। इससे पहले विभिन्न मांगों को लेकर अन्य राजस्व कर्मी भी हड़ताल पर गए, जिससे कई दिनों से अंचलों में कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


