निगरानी, एसवीयू, ईओयू की धुआंधार कार्रवाई, इन बड़ी हस्तियों को दबोचा; 14 माह में 232 केस
14 महीने में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने भ्रष्टाचारी लोकसेवकों पर 232 से अधिक मुकदमे दर्ज किए हैं। छुट्टियों को छोड़ दें तो औसतन हर डेढ़ दिन पर भ्रष्टाचार का एक मुकदमा दायर हुआ है।

SUV EOU Crackdowns: बिहार में भ्रष्टाचार पर कड़ी चोट के लिए जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। बीते 14 महीने में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने भ्रष्टाचारी लोकसेवकों पर 232 से अधिक मुकदमे दर्ज किए हैं। छुट्टियों को छोड़ दें तो औसतन हर डेढ़ दिन पर भ्रष्टाचार का एक मुकदमा दायर हुआ है। इनमें आरोपियों को घूस लेते रंगे हाथ पकड़े जाने, आय से अधिक संपत्ति इकट्ठा करने और पद का भ्रष्ट दुरुपयोग कर अवैध कमाई करने से संबंधित मामले हैं।
जानकारी के मुताबिक, 150 से अधिक कांडों में घूसखोरों की गिरफ्तारी हुई। दिलचस्प है कि इतनी कार्रवाई के बावजूद अब भी छापेमारी के दौरान आरोपितों से लाखों रुपये और करोड़ों रुपये के आभूषण बरामद हो रहे हैं। जनवरी 2025 से लेकर अब तक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 152, विशेष निगरानी इकाई ने 37 और आर्थिक अपराध इकाई ने 43 कांड दर्ज किए हैं। इन कांडों में आईएएस से लेकर बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, वरिष्ठ इंजीनियर, अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी आदि पर शिकंजा कसा गया।
2026 में अबतक 30 कांड
निगरानी ब्यूरो ने इस साल (2026 में) अब तक 30 कांड दर्ज किए हैं, जिनमें 26 ट्रैप, तीन आय से अधिक संपत्ति और एक पद के भ्रष्ट दुरुपयोग से संबंधित है। एसवीयू ने आय से अधिक संपत्ति मामले में एक, जबकि घूसखोरी के मामले में ट्रैप के नौ सहित कुल 10 कांड दर्ज किए हैं।
कार्रवाई का रिकॉर्ड बना रहीं एजेंसियां
भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के लिए जांच एजेंसियों ने रिकॉर्ड बनाया है। निगरानी ने बीते साल भ्रष्टाचार के विरुद्ध 122 प्राथमिकियां दर्ज की थीं। यह पिछले 25 वर्षों के औसत कांड से डेढ़ गुना अधिक, जबकि पिछले सात वर्षों के औसत कांड की तुलना में दोगुना है। एक दिन में चार अलग-अलग मामलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एसवीयू ने भी बीते चार-पांच वर्षों के मुकाबले कार्रवाई का रिकॉर्ड बनाया है। 2025 से अब तक आय से अधिक संपत्ति मामले में 16, जबकि घूसखोरी के 21 मामलों में ट्रैप की कार्रवाई की है।
बड़ी बरामदगी वाले हालिया प्रमुख मामले
● बेतिया डीईओ रजनीकांत प्रवीण से 3.55 करोड़ नकद और 2.75 करोड़ के जमीन के कागजात मिले
● बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मुमुक्षु कुमार चौधरी के आवास से दो करोड़ रुपये नकद बरामद
● भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता तारिणी कुमार दास के घर से 8.57 करोड़ रुपये जब्त किए गए
● नालंदा के जिला परिवहन अधिकारी अनिल कुमार दास के घर से दो करोड़ रुपये के आभूषण बरामद
● बीएमएसआईसीएल के डीजीएम (प्रोजेक्ट) पंकज कुमार से 32 लाख रुपये, 1.31 करोड़ के गहने मिले
● ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद राय के घर से 40 लाख के अधजले नोट सहित कुल 52 लाख रुपये मिले
● बीएसईआइडीसी के कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार के ठिकानों से 5.29 लाख रुपये, 3.55 करोड़ की जमीन के कागजात
● मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार के घर से 14 लाख नकद, लॉकर में 1.06 करोड़ रुपये के आभूषण मिले
● संभागीय वन पदाधिकारी सुबोध कुमार गुप्ता के घर से 1295 डॉलर विदेशी मुद्रा और 22 लाख के आभूषण की बरामदगी हुई
● डीएसपी मुख्यालय संजीव कुमार के परिजनों के नाम से 11 ट्रक और एक बीघा कॉमर्शियल जमीन मिली
● तिरहुत के आरडीडीइ बीरेंद्र नारायण के घर से 15 लाख नकद और 25 जमीन के दस्तावेज बरामद मिले
● विद्युत कार्यपालक अभियंता प्रणव कुमार के घर से छह लाख नकद और 23 जमीन के कागजात बरामद
● उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद के घर से 60 लाख की ज्वेलरी और 10 जमीन के कागज बरामद
● भवन निर्माण के निदेशक गजाधर मंडल के घर से 3.42 करोड़ रुपये के जमीन के कागजात बरामद मिले
● बेतिया जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय के सहायक अभियंता रौशन कुमार के घर से 42.50 लाख मिले
● मनिहारी (कटिहार) की लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्वेता मिश्रा के घर से 22.44 लाख मिले
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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