घूसखोर इंजीनियर को निगरानी ने दबोचा, 5 लाख कैश, स्मार्ट घड़ी लेते गिरफ्तार; रिश्वत के लिए रोका था बिल
एसवीयू ने पश्चिम चंपारण में तैनात बिहार शिक्षा परियोजना के सहायक अभियंता रोशन कुमार को पांच लाख रुपये और एक स्मार्ट घड़ी घूस लेते गिरफ्तार किया है।

सीएम नीतीश कुमार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक घूसखोर इंजीनियर निगरानी के हत्थे चढ़ गया। विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने पश्चिम चंपारण में तैनात बिहार शिक्षा परियोजना के सहायक अभियंता रोशन कुमार को पांच लाख रुपये और एक स्मार्ट घड़ी घूस के रूप में लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर ने एक संवेदक का बिल रिश्वत वसूलने के लिए रोक दिया था।
आरोपी को मंगलवार को निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जायेगा। यह राशि संवेदक शम्स तबरेज के लंबित बिलों को पास कराने के एवज में ली जा रही थी। एसवीयू ने इस मामले में कांड दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
शिक्षा विभाग में हड़कंप
रोशन कुमार जिला शिक्षा परियोजना बेतिया में कार्यरत सहायक अभियंता के पद पर तैनात थे। उनके ऊपर आरोप था कि विभिन्न स्कूलों में सबमर्जीबल पंप लगाने और स्कूल भवन की मरम्मति कार्य के बकाया बिलों को पास करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। रोशन कुमार जब नहीं माने तो ठेकेदार ने SVU के पास चले गए। शिकायत दर्ज करने के बाद एसयूवी की टीम ने गुप्त रूप से आरोपों की जांच शुरू की। जांच में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। उसके बाद निगरानी टीम का गठन किया गया। सोमवार को टीम ने रिश्वत लेते रोशन कुमार को रंगे हाथो दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रोशन कुमार के पास से निगरानी टीम ने पांच लाख कैश और स्मार्ट वॉच जब्त किया। टीम उन्हें गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया।
शिकायत के सत्यापन के बाद पुलिस उपाधीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद और पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। सोमवार को टीम ने जाल बिछाया जिसमें रोशन कुमार फंस गए। हालांकि, इसके लिए टीम को दिन भर मशक्कत करना पड़ा। शाम पांच बजे के बाद सहायक अभियंता रोशन कुमार ने घूस के रुपए गुप्त रूप से लिया। घात लगाए निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथों धर दबोच लिया।
2026 में अबतक 28 ट्रैप
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वर्ष 2026 के पहले दो महीने में ही 28 भ्रष्टाचारी लोकसेवकों पर शिकंजा कसा है। इनमें 25 को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जबकि दो मामले में डीए (आय से अधिक संपत्ति) और एक मामले में एओपीए (पद के दुरुपयोग) संबंधित मामला दर्ज किया गया है। ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने सोमवार को प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संख्या वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में 28 गुना और वर्ष 2025 की तुलना में चार गुना अधिक है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
और पढ़ें


