VIDEO: 2 साल 10 माह की वाणी झंडे देख बताती है 45 देशों के नाम, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज
वाणी ने केवल तीन मिनट 32 सेकंड में 45 देशों के नाम उनके झंडे देखकर बता दिया। यह करने पर उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (आईबीआर) में दर्ज हो गया है।
पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। जिस उम्र में बच्चे रंगों की पहचान करना और ठीक से बोलना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में बिहार के गया जिले के कोंच प्रखंड के उतरैन गांव की नन्हीं वाणी कांत ने आईबीआर अचीवर’ की प्रतिष्ठित उपाधि हासिल की है। महज दो वर्ष 10 महीने की वाणी की स्मरण शक्ति अद्भुत है। उसने 45 एशियाई देशों के राष्ट्रीय ध्वजों की पहचान कर लेती है।
वाणी ने केवल तीन मिनट 32 सेकंड में 45 देशों के नाम उनके झंडे देखकर बता दिया। यह करने पर उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (आईबीआर) में दर्ज हो गया है। वाणी अभी वह बोतल से दूध पीती है और उसे ए, बी, सी, डी या किसी औपचारिक पढ़ाई का ज्ञान भी नहीं है। अपने परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से वह कुछ जानकारी ले पाती है। इसके बावजूद किसी देश का झंडा सामने आते ही वह बिना रुके उसका नाम बता देती है। उसकी स्मरण शक्ति और पहचानने की क्षमता देखकर इलाके भर के लोग आश्चर्यचकित हैं।
एक और रिकॉर्ड के लिए आवेदन
वाणी का जन्म 17 अगस्त 2023 को हुआ है। परिवार के अनुसार वाणी अब 153 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों की पहचान कर उनके नाम बता रही है। इसके अलावा 127 देशों के झंडों की पहचान से संबंधित एक अन्य रिकॉर्ड के लिए भी आवेदन किया गया है। आईबीआर के टेस्ट के दौरान वह निर्धारित समय में 45 देशों के नाम बताया। उसकी प्रतिभा देखकर वहां मौजूद सभी लोग अचंभित हो गए। वाणी अपनी अद्भुत स्मरणशक्ति की वजह से लोगों के दिल दिमाग पर छा गई है।
फ्लैश कार्ड से याद किया नाम
वाणी के पिता रविकांत पांडेय ने बताया कि घर में खेल-खेल के दौरान फ्लैश कार्ड के माध्यम से उसे अलग-अलग देशों के झंडे दिखाए जाते थे। धीरे-धीरे उसने एक-एक कर झंडों को याद करना शुरू किया और कुछ ही समय में वह उन्हें देखते ही संबंधित देश का नाम बताने लगी। उन्होंने बताया कि जून 2026 में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए आवेदन किया गया था। संस्था की ओर से वीडियो, फोटो, जन्म प्रमाणपत्र सहित अन्य दस्तावेज मांगे गए। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने वाणी के रिकॉर्ड का सत्यापन करने के बाद 29 जून 2026 को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। उसे आईबीआर अचीवर का प्रमाणपत्र, मेडल, बैज और पहचान पत्र प्रदान किया गया।


