वैशाली की महिला कोरोना पॉजिटिव, पटना में अब तक 9 केस मिले; 3 एम्स में भर्ती
बिहार में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता जा रहा है। वैशाली की एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। पटना में अब तक 9 केस मिले हैं, जिनमें से तीन एम्स में भर्ती हैं।
बिहार में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट धीरे-धीरे पैर पसार रहा है। अब वैशाली जिले की एक महिला कोविड पॉजिटिव पाई गई है। पांच दिन पहले उसकी पटना एम्स में सर्जरी हुई थी। मंगलवार को उसकी रूटीन जांच की गई, तो कोरोना संक्रमित पाई गई। वहीं, पटना में अब तक कोविड के 9 केस मिल चुके हैं। इनमें से 3 पूरी तरह टीक हो चुके हैं, जबकि तीन मरीजों का एम्स में इलाज चल रहा है। पटना में एनएमसीएच और आईजीआईएमस में कोरोना टेस्ट शुरू हो गया है। पीएमसीएच में भी गुरुवार से कोविड की जांच शुरू कर दी जाएगी।
बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार वैशाली जिले के महनार प्रखंड की एक 58 वर्षीय महिला जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित पाई गई। महिला को 20 मई को पेट दर्द की शिकायत पर पटना एम्स में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। उसका 23 मई को हर्निया का ऑपरेशन हुआ था। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कोरोना वायरस से निपटने के लिए बिहार के अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। डॉक्टरों के चैंबर में मरीजों को मास्क पहनकर ही जाने की सलाह दी जा रही है। पटना के मेडिकल कॉलेज एनएमसीएच, आईजीआईएमएस में कोरोना की जांच शुरू कर दी गई है। पिछले एक सप्ताह में दोनों अस्पतालों में लगभग दो दर्जन मरीजों की कोरोना जांच हुई है।
9 संक्रमितों में से तीन पूरी तरह से ठीक
पटना में मंगलवार तक मिले नौ कोरोना पीड़ितों में से तीन पूरी तरह से ठीक हैं। तीन का इलाज एम्स में चल रहा है। तीन सर्दी, खांसी, सिर और देह में दर्द जैसे लक्षण से पीड़ित हैं। ये तीनों घर में ही रहकर दवा ले रहे हैं। नौ में से चार एम्स के (दो डॉक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ), एक कंकड़बाग, दो एनएमसीएच, एक रूपसपुर और एक आईसीएआर कैंपस का है। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि इनमें से किसी की भी यात्रा का इतिहास नहीं था।
पारस अस्पताल से जुड़े डॉ. प्रकाश सिन्हा ने बताया कि एक ओपीडी में और दूसरा गंभीर हालत में इमरजेंसी में आया था। दोनों में ऑक्सीजन का स्तर कम पाया गया। इसके बाद कोविड जांच की गई थी। ओपीडी वाला मरीज दो दिनों में ठीक हो गया, जबकि भर्ती मरीज को भी तीन दिनों में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि अभी कोरोना का कोई गंभीर लक्षण किसी में नहीं मिला है। लेकिन किडनी, हृदय रोग, डायबिटीज-ब्लड प्रेशर से ग्रसित कोमोरविडिटीज मरीजों के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है।
न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा, एनएमसीएच के मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि कोरोना अभी सामान्य वायरल फ्लू जैसा ही लक्षण दिखा रहा है। सिर दर्द, बदन दर्द, सर्दी, खांसी, बुखार इसके प्रमुख लक्षण हैं। इसके साथ जिन लोगों को सांस लेने में परेशानी हो तो वे लोग अपनी कोरोना जांच करा सकते हैं। ऐसे लोगों को ऑक्सीमीटर से अपने शरीर के ऑक्सीजन की जरूर जांच करनी चाहिए। अगर ऑक्सीजन का स्तर कम पाया जा रहा हो तो उन्हें नजदीकी चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। परिवार के अन्य सदस्यों से दूार बनाकर रहने और भीड़भाड़ में नहीं निकलने की सलाह उन्होंने दी। उन्होंने कहा कि कोरोना से घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


