Hindi NewsBihar NewsUproar over death of student in Nalanda school hostel 8 year Dilkhush jumped from roof

नालंदा में स्कूल के हॉस्टल के बच्चे की मौत पर भड़का गुस्सा, छत से कूद गया था 8 साल का दिलखुश

प्राचार्य ने फोन कर बताया कि बच्चा छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया है। लेकिन जब परिजन स्कूल पहुंचे तो पाया कि बच्चा हॉस्टल में नहीं है, बल्कि पावापुरी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

Sudhir Kumar हिन्दुस्तान, बिहारशरीफSun, 14 Sep 2025 04:58 PM
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नालंदा में स्कूल के हॉस्टल के बच्चे की मौत पर भड़का गुस्सा, छत से कूद गया था 8 साल का दिलखुश

नालंदा के राजगीर थाना क्षेत्र के छबीलापुर मार्ग स्थित अरुणोदय आवासीय पब्लिक स्कूल में पढ़ाई कर रहे आठ वर्षीय छात्र की संदिग्ध हालात में मौत से सनसनी फैल गई है। छात्र के परिवार वाले की पीट पीट कर हत्या जबकि स्कूल प्रबंधन छत से कूद कर मौत की बात बता रहे हैं। मृतक छात्र गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के चरावर गांव निवासी स्व. चंद्रशेखर यादव के पुत्र दिलखुश कुमार है।

परिजनों का आरोप है कि छात्र की मौत किसी हादसे से नहीं, बल्कि स्कूल शिक्षक की बेरहमी से पिटाई के कारण हुई है। मृतक के फूफा उपेंद्र कुमार ने बताया कि दिलखुश का नामांकन 11 सितंबर की शाम 4 बजे ही कराया गया था। अगले ही दिन शाम को स्कूल प्राचार्य ने फोन कर बताया कि बच्चा छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया है। लेकिन जब परिजन स्कूल पहुंचे तो पाया कि बच्चा हॉस्टल में नहीं है, बल्कि पावापुरी स्थित विम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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परिजनों ने आरोप लगाया कि दिलखुश के पूरे शरीर पर चोट और जख्म के निशान पाए गए हैं, जो इस बात की गवाही देते हैं कि उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा गया है। परिजनों का कहना है कि बच्चे की मौत के बाद भी स्कूल प्रशासन ने तुरंत सूचना न तो थाने को दी और न ही परिवार को।

वहीं, स्कूल प्रशासन का दावा है कि छात्र हॉस्टल से भागने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान छत से कूदकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था, लेकिन स्थिति नाजुक होने पर पावापुरी रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

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दिलखुश के पिता की मौत वर्ष 2017 में एक सड़क हादसे में हो गई थी। उस समय उसकी मां गर्भवती थीं और तीन माह बाद ही दिलखुश का जन्म हुआ था। पिता का साया सिर से उठने के बाद अब मासूम की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।

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राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बिहारशरीफ भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।