
उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी के खिलाफ निर्दलीय के काउंटिंग एजेंट थे बेटे दीपक, मंत्री बने तो भांडा फूटा
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का एक परिचय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें उन्हें सासाराम विधानसभा से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी रामायण पासवान का काउंटिंग एजेंट बताया गया है।
रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री बनाया गया है। उनसे जुड़ी एक हैरतअंगेज जानकारी सामने आई है। दीपक प्रकाश का एक परिचय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें उन्हें सासाराम विधानसभा से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी रामायण पासवान का काउंटिंग एजेंट बताया गया है। इसी सीट पर चुनाव लड़कर रालोमो उम्मीदवार स्नेहलता ने एक लाख पांच हजार वोट लाकर जीत दर्ज की। इस भांडाफोड़ से उपेंद्र कुशवाहा फिर से आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं।
बताया जाता है कि दीपक प्रकाश की मां स्नेहलता सासाराम विधानसभा से रालोमो की टिकट पर चुनाव लड़ विधायक बनी हैं। इस विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे रामायण पासवान ने दीपक प्रकाश को अपना काउंटिंग एजेंट बनाया था। खुद अपनी मां के खिलाफ लड़े दीपक प्रकाश को बगैर चुनाव लड़े मंत्री बनने से लोग आश्चर्यचकित हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रामायण पासवान को 327 मत मिले और जमानत जब्त हो गई। ऐसे में दीपक प्रकाश को काउंटिंग एजेंट से मंत्री बनने पर सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना है।
भाग्यशाली हैं दीपकः रामायण पासवान
दीपक को काउंटिंग एजेंट बनाए जाने पर निर्दलीय चुनाव लड़े रामायण पासवान का कहना है कि वे किसी को भी काउंटिंग एजेंट बना सकते हैं। काउंटिंग एजेंट की कार्रवाई चुनाव आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार हुई है। उन्हें परिचय पत्र भी नियमानुसार मिला है। परिचय पत्र पर आरओ सासाराम का हस्ताक्षर व मुहर भी है। कहा कि दीपक बहुत भाग्यशाली हैं। मुझे क्या पता था कि वे मंत्री बन जाएंगें।
चर्चा का बाजार गर्म
यह तथ्य उजागर होने के बाद सियासी हलके चर्चा शुरू हो गई है कि दीपक प्रकाश अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए काम कर रहे थे या मां के खिलाफ चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार रामायण पासवान के लिए। चुनाव में दीपक काफी सक्रिय रहे। चुनावी दस्तावेजों के मुताबिक वे निर्दलीय रामायण पासवान के लिए काम कर रहे थे। सासाराम विधानसभा के रिटर्निंग अफसर के हस्ताक्षर से जारी प्रवेश पत्र में उन्हें रामायण पासवान का मतगणना अभिकर्ता बताया गया।
उपेंद्र कुशवाहा के लिए नई मुसीबत
बेटे को मंत्री बनाकर आलोचना के शिकार बने उपेंद्र कुशवाहा के लिए यह नई मुसीबत सामने आ गई है। चार विधायक होने के बावजूद कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनवाया जिसने चुनाव भी नहीं लड़ा। हालांकि कुशवाहा बेटे दीपक को महुआ विधानसभा से उतारने वाले थे। पर गठबंधन में यह सीट लोजपा के हिस्से में चली गई।

लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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