दीपक प्रकाश इस्तीफा नहीं देंगे; उपेंद्र कुशवाहा ने पूछा- क्यों नहीं रहेगा मंत्री, एक ही महीना हुआ है
Deepak Prakash Kushwaha News: रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे। सम्राट चौधरी सरकार में 7 मई को कैबिनेट मंत्री बने दीपक विधान परिषद चुनाव में एमएलसी बनने से चूक गए हैं।

Deepak Prakash Kushwaha News: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष और सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश सम्राट चौधरी सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा नहीं देंगे। कुशवाहा ने दीपक के इस्तीफे के सवाल पर मीडिया से पूछ लिया- क्यों नहीं रहेगा मंत्री। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि दीपक ने जब शपथ ली थी, तब भी वो किसी सदन का सदस्य नहीं था, स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। उन्होंने गैर-सदस्य के मंत्री बनने पर 6 महीने की समय सीमा का सवाल पूछने पर कहा कि अभी एक महीना ही हुआ है। कुशवाहा के बयान से ऐसा लगता है कि वो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को तेवर दिखा रहे हैं, लेकिन यह भी बता रहे हैं कि वह अगले 5 महीने इंतजार के लिए तैयार हैं।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के चुनाव और उप-चुनाव में भाजपा ने दीपक प्रकाश कुशवाहा को लड़ने की हरी झंडी नहीं दी, जिसकी वजह से वो विधायक या विधान पार्षद बनकर सदन में आने का मौका चूक गए हैं। 7 मई को सम्राट चौधरी कैबिनेट के विस्तार में दीपक दूसरी बार मंत्री बने थे। 7 मई से जोड़ें तो दीपक प्रकाश के पास सदन में पहुंचने के लिए लगभग 5 महीने का समय और है।
दीपक प्रकाश इससे पहले जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और पूर्व सीएम नीतीश कुमार की सरकार में भी बिना किसी सदन के सदस्य रहे मंत्री बने थे, लेकिन 6 महीने की मियाद खत्म होने से पहले नीतीश ने ही इस्तीफा देकर कैबिनेट भंग कर दिया था। दूसरी बार सम्राट कैबिनेट का मंत्री बनने से दीपक प्रकाश को 6 महीने वाला लाभ दूसरी बार नए सिरे से मिल गया है, क्योंकि संविधान में 6 महीने के अंदर सदन में आने का नियम ऐसे मामलों को लेकर स्पष्ट नहीं है।
सवाल पूछना है तो उनसे (भाजपा) पूछिए; दीपक को MLC नहीं बनाने से भड़के कुशवाहा
एनडीए कैंडिडेट के एलएलसी चुनाव नामांकन में सम्राट चौधरी, चिराग पासवान, संजय झा समेत एनडीए के कई नेता मौजूद रहे, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा और दीपक प्रकाश रालोमो दफ्तर में बैठे रहे। दोपहर बाद कुशवाहा दिल्ली चल गए, जहां 13 जून को रालोमो का राष्ट्रीय सम्मेलन है। पटना एयरपोर्ट पर कुशवाहा ने मीडिया के सवाल का आक्रामक जवाब दिया। दीपक को एमएलसी नहीं बनाने पर कुशवाहा ने कहा- ‘इसके लिए आप क्यों चिंतित हैं भाई। यह तो आपकी चिंता का विषय नहीं है। कोई और सवाल पूछिए।’ पत्रकारों ने एमएलसी सीट को लेकर वादे की चर्चा की तो उन्होंने कहा- ‘सवाल पूछना है तो उनसे पूछिए। हमसे सवाल तो बनता नहीं है।’
पत्रकारों ने जब दीपक प्रकाश के इस्तीफे पर पूछा तो कुशवाहा व्यग्र हो गए और कहा- ‘आप हटाने वाले कौन होते हैं। क्यों नहीं रहेगा मंत्री।’ मीडिया ने जब 6 महीने के अंदर किसी सदन में पहुंचने का सवाल उठाया तो कुशवाहा ने कहा- ‘सदस्य तो उस दिन भी नहीं था, जिस दिन ओथ लिया था। अभी एक महीना हुआ है। आपका सवाल ही विचित्र तरह का है। बनता ही नहीं है सवाल। जिस दिन ओथ लिया था, उस दिन भी सदस्य नहीं था। कोई अंतर तो हुआ नहीं है। आप विचित्र बात कर रहे हैं। जो स्थिति ओथ लेने के दिन थी, वही स्थिति आज है। उसमें कोई परिवर्तन हो तब सवाल उठता है ना।’
लोक जनशक्ति पार्टी - रामविलास (एलजेपी-आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा दीपक के मामले को भाजपा और रालोमो के बीच का आंतरिक मामला बताने पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा- ‘आंतरिक मामला है तो आप भी समझिए कि आंतरिक मामला की चर्चा आंतरिक जगह पर होगी, आपके सामने तो होगी नहीं।’


