
इधर से उधर ना हो जाए, इसलिए बेटे दीपक प्रकाश को बनाया मंत्री; उपेंद्र कुशवाहा बोले- यही उपाय है
बिहार की नीतीश सरकार में मंत्री बनाए गए दीपक प्रकाश चर्चा में हैं। रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि आखिर क्यों उन्होंने अपने बेटे दीपक को ही नीतीश कुमार के कैबिनेट में जगह दिलवाई।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिहार की नीतीश सरकार में मंत्री बनाने की वजह बताई है। उन्होंने माना कि परिवार के लोगों को पद पर रखने से उनके पार्टी छोड़कर जाने का खतरा नहीं रहता है। कुशवाहा ने कहा कि दीपक प्रकाश की योग्यता के अतिरिक्त उन्हें मंत्री बनाने का एक कारण यह भी रहा। उनके सांसद और विधायक पहले भी पार्टी छोड़कर जा चुके हैं। अब कोई इधर से उधर ना हो जाए, इसलिए बेटे को मंत्री बनाया। उन्होंने कहा कि सब कुछ मेहनत करके पार्टी को खड़ा करें और कोई इधर-उधर हो जाए तो पार्टी फिर उसी स्थिति में आ जाती है। वैसी स्थिति से बचने का यह उपाय है।
राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि साल 2014 में उनकी पार्टी (रालोसपा) के 3 सांसद जीते थे, लेकिन उनमें से दो चले गए। इससे पार्टी कमजोर हुई। इसके बाद 2015 में उनके दो विधायक जीते थे, लेकिन वे भी बाद में चले गए। कुशवाहा ने कहा कि दूसरी पार्टियों में भी ऐसी स्थिति देखी जाती है। इससे बचने के लिए ही उन्होंने अपने परिवार से किसी को मंत्री बनाया।
कुशवाहा की पार्टी रालोमो के कोटे से नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाए गए दीपक प्रकाश फिलहाल बिहार विधान मंडल के किसी भी सदन का हिस्सा नहीं हैं। विधानसभा चुनाव 2025 में रालोमो के 6 में से 4 प्रत्याशी जीतकर सदन पहुंचे, जिनमें कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता भी शामिल हैं। हालांकि, उपेंद्र ने चारों विधायकों में किसी को भी मंत्री नहीं बनाया। माना जा रहा है कि अब मंत्री बेटे दीपक प्रकाश को वे भाजपा और जदयू के सहयोग से विधान परिषद का सदस्य बनाएंगे। कहा जाता है कि एनडीए में सीट बंटवारे के दौरान कुशवाहा से भाजपा ने एक एमएलसी का वादा भी किया था।
बेटे को मंत्री बनाए जाने पर कुशवाहा ने यह भी कहा कि बिहार के भविष्य को लेकर वह उत्साहित हैं। नए लोग आएंगे तो अच्छा काम करेंगे। उनमें क्षमता और ऊर्जा ज्यादा होती है, उसका इस्तेमाल करके बिहार का ज्यादा विकास करेंगे। उन्होंने कहा कि नए लोगों का जोश, पुराने लोगों का अनुभव, बिहार के विकास में सबके योगदान की जरूरत होती है।
मुख्यमंत्री और 25 अन्य मंत्रियों के साथ गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में शपथ लेने के बाद दीपक प्रकाश ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करने का मौका मिला है। उन्हें मंत्री बनाने का फैसला अचानक ही हुआ। उन्होंने कहा कि जो जिम्मेदारी मिली है, वह उसे निभाएंगे। जींस-टीशर्ट में शपथ लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन कपड़ों में कंफर्टेबल रहते हैं, वही पहनना चाहिए।
उपेंद्र कुशवाहा का साथ छोड़ गए थे विधायक और सांसद
बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) से 2014 के लोकसभा चुनाव में 3 सांसद चुने गए थे। एक खुद कुशवाहा थे। बाकी दो अरुण कुमार एवं राम कुमार शर्मा ने बाद में अलग होकर नई पार्टियां बना ली थीं। वहीं, 2015 के विधानसभा चुनाव में रालोसपा से चुने गए दो विधायक सुधांशु शेखर और ललन पासवान भी बाद में कुशवाहा की पार्टी छोड़ जेडीयू में चले गए थे।
हालांकि, 2021 में कुशवाहा ने भी रालोसपा का विलय जदयू में कर दिया था। दो साल बाद वे फिर नीतीश कुमार की पार्टी से अलग हुए और राष्ट्रीय लोक जनता दल नाम से नई पार्टी का गठन किया। बाद में इसका नाम राष्ट्रीय लोक मोर्चा कर दिया गया था।





