एक पद के लिए कोई RLM को नहीं मिटा सकता; उपेंद्र कुशवाहा को पहले से था झटके का संकेत!

लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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Upendra Kushwaha RLM BJP: राष्ट्रीय लोक मोर्चा चीफ उपेंद्र कुशवाहा को इसका संकेत पहले से था कि उनके मंत्री बेटे दीपक प्रकाश को MLC नहीं बनाया जाएगा। एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि एक पद के लिए पार्टी नहीं मिटेगी।

एक पद के लिए कोई RLM को नहीं मिटा सकता; उपेंद्र कुशवाहा को पहले से था झटके का संकेत!

Upendra Kushwaha RLM BJP: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से इस बात का संकेत पहले से मिल गया था कि उनके बेटे और सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट मंत्री दीपक प्रकाश कुशवाहा को विधान परिषद चुनाव नहीं भेजा जाएगा। MLC चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 9 उम्मीदवारों में बीजेपी के 4, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के 4 और लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) के 1 नेता शामिल हैं। एनडीए के 9 कैंडिडेट की जीत तय है। दीपक के एमएलसी नहीं बनने से उनका मंत्री पद जाने का खतरा है। दीपक के हटने की सूरत में कुशवाहा के पास यह विकल्प भी है कि रालोमो कोटे से दीपक की पत्नी साक्षी मिश्रा कुशवाहा या पत्नी स्नेहलता कुशवाहा या फिर विधायक दल के नेता माधव आनंद को मंत्री बनवा लें।

उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को पटना में आयोजित पार्टी के प्रदेश सम्मेलन में ही दीपक प्रकाश का पत्ता कटने का इशारा कर दिया था, जब उन्होंने कहा कि एक पद के लिए कोई उनकी पार्टी को नहीं मिटा सकता है। कुशवाहा ने यह बयान भाजपा में रालोमो के विलय के संदर्भ में चल रही चर्चाओं को लेकर दिया था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने से पहले भाजपा ने कुशवाहा को पार्टी का विलय करने के लिए कहा था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। दीपक के एमएलसी नहीं बन पाने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले नाराज हो गए कुशवाहा को भाजपा ने दिल्ली ले जाकर मनाया था और तब अमित शाह से मुलाकात के बाद ये कहा गया था कि बीजेपी कुशवाहा को राज्यसभा के अलावा विधान परिषद में एक सीट देगी।

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उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के सम्मेलन में कल कहा था- ‘आज नहीं। कोई एमएलसी का चुनाव हो रहा है, तब नहीं। कई महीना पहले से। राष्ट्रीय लोक मोर्चा का विलय होने वाला है, खबर चलने लगी। और कई मीडिया के साथियों ने तो तारीख का ऐलान कर दिया। सब कुछ तय हो गया। अमुक तारीख को औपचारिकता पूरी कर ली जाएगी। आप 100 परसेंट उपेंद्र कुशवाहा की ओर से और यहां बैठे हुए लोगों की ओर से निश्चिंत रहिए। राष्ट्रीय लोक मोर्चा का अस्तित्व किसी एक पद को लेकर समाप्त हो जाए, दुनिया की कोई ताकत यह काम नहीं कर सकती। कौन सी बड़ी चीज है ये।’

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रालोमो के अस्तित्व को बचाए रखने की इच्छाशक्ति का इशारा करते हुए कुशवाहा ने कहा था- ‘हम गठबंधन धर्म निभाने वाले लोग हैं। गठबंधन की जो बड़ी पार्टी है, उनका हम सम्मान करने वाले लोग हैं। पूरी मजबूती के साथ हम लोग एनडीए में थे, एनडीए में हैं और एनडीए में रहेंगे। इसमें कोई कहीं से किसी को कन्फ्यूजन नहीं होना है। एक बार नहीं, अनेक बार हमने कहा है कि इस तरह के सवाल पर चर्चा करेंगे तो एनडीए के अंदर करेंगे। अंदर की बात है, हम अंदर करेंगे, आपके साथ शेयर नहीं करेंगे। … इधर-उधर की बात करके कि उपेंद्र कुशवाहा पितृ मोह में चले गए। उपेंद्र कुशवाहा पार्टी नहीं चलाता है, परिवार चलाता है। आप सब लोग हमारे परिवार के हिस्सा हैं।’

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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