शराब पीने वाले गरीब पकड़े जाते हैं, बड़े तस्कर भाग जाते हैं; बिहार में शराबबंदी पर बोले जीतन राम मांझी

Apr 09, 2026 02:45 pm ISTNishant Nandan लाइव हिन्दुस्तान, गयाजी
share

जीतन राम मांझी ने कहा, 'शराबबंदी ठीक है लेकिन इसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी है। आज लाखों केस हमार गरीब तबके के लोगों पर दे दिया गया है और जो बड़े-बड़े तस्कर हैं वो भाग रहे हैं। कारण है कि ये वहीं तेजस्वी यादव के लोग हैं जो बच जाते हैं।

शराब पीने वाले गरीब पकड़े जाते हैं, बड़े तस्कर भाग जाते हैं; बिहार में शराबबंदी पर बोले जीतन राम मांझी

बिहार में यूं तो कई सालों से शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है। लेकिन बिहार की शराबबंदी हमेशा ही चर्चा में रहती है। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शराबबंदी को लेकर एनडीए सरकार को घेरा था और आरोप लगाया था कि शराबबंदी के दावे खोखले हैं और राज्य में अवैध शराब का कारोबार 40 हजार करोड़ का है। अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी को लेकर एक तरफ जहां तेजस्वी यादव को जवाब दिया है तो वहीं उन्होंने यह भी कह दिया है कि शराब पीने वाले गरीब ही सिर्फ पकड़े जाते हैं।

केंद्रीय मंत्री और HAM पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा, 'शराबबंदी ठीक है लेकिन इसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी है। आज लाखों केस हमार गरीब तबके के लोगों पर दे दिया गया है और जो बड़े-बड़े तस्कर हैं वो भाग रहे हैं। कारण है कि ये वहीं तेजस्वी यादव के लोग हैं जो बच जाते हैं। लेकिन अपना मुंह काला नहीं हो इसके लिए वो खासकर ऐसा बोलते हैं कि बिहार में शराबबंदी ठीक नहीं है। शराबबंदी ठीक है लेकिन इसको लागू करने में गड़बड़ी है। हम सभी लोगों ने मिलकर इस नीति को अपनाया था लेकिन हम सभी लोग सकारात्मक सहयोग नहीं दे रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने क्या कहा था

बता दें कि इससे पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश में शराबबंदी कानून के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हाल ही में कहा था कि यह कानून अपने उद्देश्यों को पूरा करने में विफल रहा है और इससे भ्रष्टाचार तथा अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला किया और आरोप लगाया था कि शराबबंदी के नाम पर अधिकारियों और शराब माफियाओं के बीच सांठगांठ से "संस्थागत भ्रष्टाचार" को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने दावा किया था कि इससे राज्य में एक समानांतर काला बाजार खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि शराब नीति की कथित विफलता से राज्य में लगभग 40,000 करोड़ रुपये की समानांतर काली अर्थव्यवस्था पैदा हुई है।

राजद नेता ने कहा था कि 05 अप्रैल 2016 को लागू इस कानून को शराबखोरी पर नियंत्रण और महिलाओं को सशक्त बनाने के सामाजिक सुधार के रूप में पेश किया गया था। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि लागू होने के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक शराब से संबंधित मामले दर्ज हुए और 16 लाख से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 05 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की गई, जिससे स्पस्ट है की शराब की पहुंच राज्य में बनी रही है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।