शराब पीने वाले गरीब पकड़े जाते हैं, बड़े तस्कर भाग जाते हैं; बिहार में शराबबंदी पर बोले जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी ने कहा, 'शराबबंदी ठीक है लेकिन इसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी है। आज लाखों केस हमार गरीब तबके के लोगों पर दे दिया गया है और जो बड़े-बड़े तस्कर हैं वो भाग रहे हैं। कारण है कि ये वहीं तेजस्वी यादव के लोग हैं जो बच जाते हैं।

बिहार में यूं तो कई सालों से शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है। लेकिन बिहार की शराबबंदी हमेशा ही चर्चा में रहती है। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शराबबंदी को लेकर एनडीए सरकार को घेरा था और आरोप लगाया था कि शराबबंदी के दावे खोखले हैं और राज्य में अवैध शराब का कारोबार 40 हजार करोड़ का है। अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी को लेकर एक तरफ जहां तेजस्वी यादव को जवाब दिया है तो वहीं उन्होंने यह भी कह दिया है कि शराब पीने वाले गरीब ही सिर्फ पकड़े जाते हैं।
केंद्रीय मंत्री और HAM पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा, 'शराबबंदी ठीक है लेकिन इसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी है। आज लाखों केस हमार गरीब तबके के लोगों पर दे दिया गया है और जो बड़े-बड़े तस्कर हैं वो भाग रहे हैं। कारण है कि ये वहीं तेजस्वी यादव के लोग हैं जो बच जाते हैं। लेकिन अपना मुंह काला नहीं हो इसके लिए वो खासकर ऐसा बोलते हैं कि बिहार में शराबबंदी ठीक नहीं है। शराबबंदी ठीक है लेकिन इसको लागू करने में गड़बड़ी है। हम सभी लोगों ने मिलकर इस नीति को अपनाया था लेकिन हम सभी लोग सकारात्मक सहयोग नहीं दे रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा था
बता दें कि इससे पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश में शराबबंदी कानून के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हाल ही में कहा था कि यह कानून अपने उद्देश्यों को पूरा करने में विफल रहा है और इससे भ्रष्टाचार तथा अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला किया और आरोप लगाया था कि शराबबंदी के नाम पर अधिकारियों और शराब माफियाओं के बीच सांठगांठ से "संस्थागत भ्रष्टाचार" को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने दावा किया था कि इससे राज्य में एक समानांतर काला बाजार खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि शराब नीति की कथित विफलता से राज्य में लगभग 40,000 करोड़ रुपये की समानांतर काली अर्थव्यवस्था पैदा हुई है।
राजद नेता ने कहा था कि 05 अप्रैल 2016 को लागू इस कानून को शराबखोरी पर नियंत्रण और महिलाओं को सशक्त बनाने के सामाजिक सुधार के रूप में पेश किया गया था। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि लागू होने के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक शराब से संबंधित मामले दर्ज हुए और 16 लाख से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 05 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की गई, जिससे स्पस्ट है की शराब की पहुंच राज्य में बनी रही है।


