बेरोजगारी, कर्ज या कुछ और; राजगीर में बेंगलुरु के 4 पर्यटकों का सुसाइड या मर्डर?
बेंगलुरु के 4 पर्यटकों की राजगीर की जैन धर्मशाला में मौत सामूहिक आत्महत्या थी, या फिर एक शख्स ने बाकी तीनों की हत्या कर खुद आत्महत्या कर ली? इसकी गुत्थी अभी उलझी हुई है। इस केस में अब कुछ नई चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है।

बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में दिगंबर जैन धर्मशाला में बेंगलुरु (कर्नाटक) के 4 पर्यटकों की मौत गुत्थी उलझी हुई है। मरने वालों में एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थे। चारों के धर्मशाला के कमरे में शुक्रवार को फंदे से लटके हुए मिले। कमरा अंदर से बंद था, इसलिए सामूहिक आत्महत्या का मामला लग रहा है। हालांकि, हत्या की बात से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस को कुछ चौंकाने वाली जानकारी मिली है। घटना में मृत एकमात्र पुरष नागा प्रसाद अपने भांजे की हत्या के आरोप में जेल में बंद था। बीते दिसंबर में ही उसे जमानत मिली थी और वह जेल से छूटकर बाहर आया था।
चारों शवों का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ चिकित्सकों की देख-रेख में पटना में करवाया गया। कर्नाटक से पटना पहुंचे मृतकों के परिजन ने शनिवार को पुलिस को कई जानकारी दी। इधर, घटना के दूसरे दिन धर्मशाला में वीरानी पसरी रही। ज्यादातर पर्यटक अपने कमरों को खाली कर जा चुके हैं। नया कोई कमरा बुक नहीं किया गया। सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने धर्मशाला पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
कर्नाटक से पहुंचे तीन रिश्तेदार :
कर्नाटक के तामकुर जिले के बैलेडा पेटे गुब्बी(ग्रामीण) निवासी मृतकों के तीन रिश्तेदार पटना पहुंचे। नालंदा पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि नागा प्रसाद के चाचा जीएन ब्रुसुब्बा राजू, चचेरी बहन सम्याकथवा जैन डी और पड़ोसी रोहित बीवी पटना पहुंचें। उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस से उन्हें सूचना मिली।
कर्ज और बेरोजगारी का एंगल
मृत परिवार एवं चाचा की पैतृक संपत्ति अभी संयुक्त है। रुपये के लेन-देन एवं विषम परिस्थिति में कर्ज लेने के लिए मृत परिवार गुब्बी आता था। परिवार बेंगलुरु में रहता था।
उन्होंने बताया कि परिवार किसी भी पारिवारिक एवं धार्मिक आयोजनों में भाग नहीं लेता था। परिजन गुब्बी पुलिस की मानें तो मृत परिवार मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं था। आर्थिक रूप से कमजोर भी था। नागा प्रसाद, इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था। पर उसके पास नौकरी नहीं थी। पिछले पांच महीने से वह भांजे की हत्या के आरोप में जेल में बंद था।
परिजन को यह पता नहीं है कि कब वह जेल से निकला था और कब तीर्थ यात्रा पर निकला था। पुलिस की जांच में पता चला है कि 17 दिसंबर को उसे जमानत मिली थी। दो सदस्यीय जांच टीम को कर्नाटक भेजा जा रहा है।
धर्मशाला में पसरा सन्नाटा:
धर्मशाला में सन्नाटा पसरा हुआ है। दर्जनों पर्यटकों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से धर्मशाला छोड़ दिया। कई पर्यटक राजगीर छोड़कर चले गये। इस घटना का असर केवल एक धर्मशाला पर नहीं, बल्कि राजगीर के पूरे पर्यटक उद्योग पर पड़ने की आशंका है। होटल, धर्मशाला, गाइड, टूर ऑपरेटर व स्थानीय दुकानदार चिंतित दिख रहे हैं। जिस कमरे से शव मिले थे, उसे सील कर दिया गया है।
व्यवस्था पर उठ रहे सवाल :
स्थानीय लोग धर्मशाला के प्रबंधन व व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। धर्मशाला में करीब 65 कमरे हैं। दर्जनों की संख्या में कर्मी काम करते हैं। कर्मी नियमित रूप से धर्मशाला में आने व जाने वालों लोगों का ध्यान रखते हैं। इसके बाद भी कमरे में तीन दिनों तक लाशें पड़ी रही। किसी को भनक नहीं लगी। यह धर्मशाला प्रबंधन की लापरवाही दर्शाता है।
क्या था मामला :
धर्मशाला के कमरा संख्या 6 एबी से शुक्रवार को चार पर्यटकों के शव मिले थे। सभी के शव हुक में लगे फंदों से टंगे हुए थे। सभी के मुंह पर टेप लगा था और हाथ बंधे थे। मृतकों में 78 वर्षीया जीआर सुमंगला, पुत्री 48 वर्षीया शिल्पा जीआर, 43 वर्षीया श्रुथा जीबी और पुत्र 50 वर्षीय जीआर नागा प्रसाद शामिल थे।
हत्या या आत्महत्या :
लाशों की स्थिति हत्या की तरफ ईशारा कर रही है। हालांकि, कमरा अंदर से बंद था। इस वजह से पुलिस के साथ आमलोग भी आत्महत्या का दावा कर रहे हैं। एक थ्योरी यह है कि नागा प्रसाद ने पहले तीन महिलाओं की हत्या की। फिर उसने आत्महत्या कर ली। सच्चाई क्या है, इसका पता तो जांच के बाद ही लगेगा।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत बिहार में राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं पर गहराई से नजर रखते हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। जयेश मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं और लाइव हिन्दुस्तान में 4 साल से बिहार टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले ईटीवी भारत, इंडिया न्यूज, वे2न्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। समाचार लेखन के अलावा साहित्यिक पठन-लेखन में रुचि है।
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