भतीजे का सेहरा लाने गए चाचा की उठी अर्थी, एक कार ने शादी की खुशियां मातम में बदल दी
भतीजे की बारात निकलने वाली थी। सेहरा खरीदने चाचा बाजार गया था। रास्ते में एक कार ने दो लोगों को कुचल दिया जिसमें दूल्हे के चाचा की मौत हो गई।

Bihar News: बारात निकलने वाली थी। दूल्हे को तैयार किया जा रहा था। आंगन में महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं। दरवाजे पर बैंड बाजा बज रहा था। तभी एक संदेश ने सबको खामोश कर दिया। लोग कपड़े बदलकर अस्पताल की ओर भागने लगे। सेहरा लाने गए दूल्हे के चाचा की हादसे में मौत हो चुकी थी। भतीजे की बारात तो नहीं निकली पर चाचा की अर्थी जरूर निकल गई। घटना बिहार के कैमूर की है। जिले में बेलांव थाना क्षेत्र के ब्लॉक मोड़ के पास आंधी-बारिश के दौरान वाहन की टक्कर से जहां एक युवक की मौत हो गई, वहीं उसका रिश्तेदार घायल हो गया।
मृतक 30 वर्षीय लक्ष्मण कुमार बेलांव थाना क्षेत्र के खजुरा टोला सरैयां निवासी मंगरू राम का बेटा था। घायल लालबाबु कुमार सोनहन थाना क्षेत्र के भिखमपुरा गांव का निवासी है, जिसका इलाज रामपुर पीएचसी में हुआ। मृतक के बड़े भाई किशोरी राम ने बताया कि उनके बेटे बिट्टू कुमार की शादी थी। बारात निकालने की तैयारी की जा रही थी। दूल्हे का मउर बांधने के लिए लक्ष्मण व लालबाबू बेलांव बाजार में गमछा खरीदने गए थे। बारात मोहनियां थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में जानेवाली थी।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान तेज आंधी-बारिश शुरू हो गई। इससे बचने के लिए दोनों सड़क किनारे बाइक खड़ी कर पास में खुद खड़े हो गए। तभी अज्ञात वाहन दोनों को धक्का मारते हुए तेज रफ्तार में भाग गया। इस घटना में लक्ष्मण गंभीर रूप से घायल हो गया। लालबाबू ने इस घटना की सूचना फोन करके दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच कर घायल को हमलोग रामपुर पीएचसी ले गए। वहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार कर गंभीर अवस्था में सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल के डॉक्टर ने उसकी स्वास्थ्य जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। लालबाबू का इलाज रामपुर पीएचसी में हुआ।
बैंडबाजा की धुन थमी, नये लिबास उतर गए
परिजन और रिश्तेदार बारात निकालने की तैयारी कर रहे थे। दूल्हे के लिए सजी गाड़ी पहुंच गई थी। दरवाजे पर बैंडबाजा बज रहे थे। दूल्हे को स्नान कराने की तैयारी चल रही थी। महिलाएं बारात निकालने की रस्म पूरी करने में व्यस्त थीं। फिर दुर्घटना की खबर घर पहुंची। इसकी सूचना मिलने के बाद सभी सन्न रह गए। फिर क्या था बैंडबाजा की धुन थम गई। गाड़ियां वापस लौट गईं। बाराती नये कपड़े उतारकर पुराने पहन अस्पताल की ओर भागे। महिलाएं रोने-बिलखने लगीं। खुशी का माहौल चंद मिनट में गम में बदल गया।
बार-बार बेहोश हो जा रही मृतक की पत्नी
पति की मौत की खबर सुनते ही मृतक की पत्नी सुनीता देवी पछाड़ खाकर गिर पड़ी। वह आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका है। महिलाएं उसके मुंह पर पानी का छींटा मारकर होश में ला रही थीं। मृतक के दो पुत्र एवं एक पुत्री है, जिसमें मिथलेश कुमार 8 वर्ष, प्रिया कुमारी 7 वर्ष, दुर्गेश कुमार 6 वर्ष के हैं। इस घटना के बाद आसपास के घरों में बुधवार की रात चूल्हे नहीं जले। देर रात सदर अस्पताल से पोस्टमार्टम कराकर शव लाया गया। फिर अंतिम संस्कार किया गया।
एक संवाददाता, रामपुर कैमूर
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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