बिहार में तेजी से पांव पसार रहा टाइफाइड, 1 माह में 4 हजार मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
अगस्त महीने में बिहार के सरकारी अस्पतालों में जांच के दौरान 4102 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई है। वहीं, सितंबर के पहले चार दिन में 250 मरीजों में टाइफाइड निकला है।

बिहार में टाइफाइड का प्रकोप बढ़ गया है। अगस्त महीने में सरकारी अस्पतालों में जांच के दौरान 4102 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई है। वहीं, सितंबर के पहले चार दिन में 250 मरीजों में टाइफाइड निकला है। मुजफ्फरपुर में अगस्त में 161 और एक से तीन सितंबर तक 36 मरीज टाइफाइड के मिले हैं। टाइफाइड की आशंका पर अगस्त में सूबे के सरकारी अस्पतालों में 15 हजार मरीजों की जांच कराई गई थी। इस दौरान मुजफ्फरपुर में भी 353 लोगों की टाइफाइड की जांच हुई थी।
मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ अमित कुमार ने बताया कि टाइफाइड के मरीज लगातार अस्पताल में पहुंच रहे हैं। हर दिन टाइफाइड के लक्षण वाले 20 से 30 मरीज एसकेएमसीएच में आ रहे हैं जिनका जांच रिपोर्ट के आधार पर इलाज किया जा रहा है।
निजी अस्पतालों में हर दिन सौ मरीज मिल रहे
सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों की ओपीडी में भी टाइफाइड के लक्षण वाले मरीज पहुंच रहे हैं। सरकारी के अलावा निजी लैब में हर दिन औसतन सौ मरीजों में टाइफाइड निकल रहा है। गरीब तबके के मरीज इलाज में आर्थिक रूप से टूट रहे हैं।
जूरन छपरा स्थित एक निजी लैब के संचालक ने बताया कि हर दिन विडाल जांच कराने मरीज पहुंच रहे हैं और ज्यादातर में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है। शहर के हर हिस्से से मरीज विडाल जांच के लिए सैंपल देने पहुंच रहे हैं। इससे पता चलता है कि टाइफाइड किस प्रकार से अपना पांव पसार रहा है।
मरीजों को दिया जा रहा हाईडोज एंटीबायोटिक
टाइफाइड को ठीक करने के लिए मरीजों का हाईडोज एंटीबायोटिक और अन्य दवाएं देनी पड़ रही है। हाइडोज दवा देने के बाद भी टाइफाइड ठीक होने में 20 दिन का वक्त लग रहा है। मरीजों को इसके बाद भी काफी कमजोरी रह रही है। मिली जानकारी के अनुसार वायरल बुखार और टाइफाइड होने के बाद कई मरीजों में प्लेटलेट भी गिर रहा है।
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए सरकार के स्तर पर प्रयास जारी हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने दो दिन पहले मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तीस बेड के आईसीयू का लोकार्पण किया। उन्होंने एसकेएमसीएच परिसर स्थित होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में इलाज की व्यवस्था और सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। राज्य में हर घर जाकर लोगों के स्वसाथ्य जांच के लिए अभियान चलाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो दिन पहले जागरुकता रथ को रवाना किया।


