
नीतीश सरकार में राजपूत Dy CM बनाने की चर्चा, तीन बने तभी चिराग की LJP-R को मौका
संक्षेप: Nitish Govt Cabinet Formula: नीतीश कुमार की सरकार में उप-मुख्यमंत्री 2 होंगे या 3, ये चर्चा चल रही है। राजपूत जाति से एक डिप्टी सीएम हो सकता है। तीन डिप्टी बने तो चिराग पासवान की लोजपा-आर को मौका मिल सकता है।
Nitish Govt Cabinet Formula: बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनने जा रही एनडीए की नई सरकार में उप-मुख्यमंत्री दो होंगे या तीन, इसको लेकर अटकलें तेज हैं। इसकी चर्चा तो है कि भाजपा पहले की तरह दो डिप्टी सीएम बनाएगी, लेकिन यह साफ नहीं है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को बनाए रखेगी या बदलेगी। चर्चा है कि भाजपा एक राजपूत को डिप्टी सीएम बना सकती है। भाजपा और नीतीश अगर तीन डिप्टी सीएम रखने का मन बनाते हैं, तभी चिराग पासवान की लोजपा-आर को एक डिप्टी बनाने का मौका मिल सकता है। गृहमंत्री अमित शाह ने प्रचार के दौरान तारापुर में सम्राट चौधरी और लखीसराय में विजय सिन्हा को ‘बड़ा आदमी’ बनाने का वादा किया था।

नीतीश की पिछली सरकार में दो डिप्टी सीएम कोइरी और भूमिहार जाति से थे, लेकिन दोनों अंग इलाके से ही थे। इस चुनाव में एनडीए से 70 सवर्ण विधायक जीते हैं, जिसमें बीजेपी के 42, जेडीयू के 18, लोजपा के 7, रालोमो के 2 और हम के 1 एमएलए हैं। जातियों से देखें तो 32 राजपूत और 22 भूमिहार हैं। 2 कायस्थ और बाकी ब्राह्मण हैं। भाजपा के 19 राजपूत और 12 भूमिहार जबकि जदयू के 7 राजपूत और 7 भूमिहार जीते हैं। लोजपा-आर के 19 विधायकों में 5 राजपूत ही हैं।
नीतीश-सम्राट से ‘लव-कुश’ सेट, दूसरा डिप्टी सीएम राजपूत, तीसरे दलित पर अटकलें
नीतीश की नई सरकार में सवर्ण जातियों के व्यापक समर्थन और उनके विधायकों की संख्या को देखते हुए डिप्टी सीएम का एक पद सवर्ण को दिया जा सकता है। जातियों के हिसाब से राजपूत विधानसभा में 32 सीट जीतकर सबसे आगे हैं। 22 भूमिहार के मुकाबले उनकी दावेदारी ज्यादा मजबूत है। चुनाव से पहले राजीव प्रताप रूडी खुलकर ठाकुरों की हिस्सेदारी की बात कर रहे थे।
एनडीए में राजपूत जाति के 32 विधायकों के मुकाबले जातियों के एक वर्ग के दौर पर दलित ऊपर हैं, जिनके 35 विधायक जीते हैं। इसमें जदयू के 14, भाजपा 12, लोजपा 5 और हम के 4 हैं। अगर नीतीश और भाजपा तय करते हैं कि एनडीए सरकार में किसी दलित को ‘बड़ा पद’ देना है तो यह चिराग पासवान की पार्टी के लिए भी एक मौका हो सकता है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि दलित डिप्टी सीएम चिराग की पार्टी से ही हो या उनको डिप्टी सीएम का पद मिले ही। शाहाबाद, मिथिला, चंपारण, तिरहुत, सीमांचल, अंग, कोसी, मगध हर इलाके में एनडीए को काफी बढ़त मिली है। ये भी हो सकता है कि सरकार में जो डिप्टी सीएम बनें वो उन इलाकों से हों, जिन्हें पिछली सरकार में मौका नहीं मिला।
नीतीश सरकार में 6 विधायक पर 1 मंत्री का फॉर्मूला?
एनडीए के 202 विधायक जीते हैं और सरकार में कुल 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस हिसाब से 6 एमएलए पर 1 मंत्री का बद गठबंधन के पांच दलों के बीच बांटा जा सकता है। भाजपा को 15-16, जदयू को 14-15, लोजपा को 3-4, हम और रालोमो को 1-1 मिनिस्टर मिल सकता है। जब मंत्रियों का संख्या और कोटा तय हो जाएगा, तब गठबंधन के नेता विभिन्न जाति और समुदाय को हिस्सेदारी भी आपस में बांटकर दे सकते हैं।





