
स्विटजरलैंड में प्रतिमाह दो लाख रुपये की नौकरी और नागरिकता, साइबर ठगी का नया तरीका
उत्कर्ष लुधियाना पहुंचा तो उसकी मुलाकात नेमचंद जैन और उसकी पुत्री हिना जैन से कराई गई। दोनों ने उसे स्विटजरलैंड भेज कर वहीं दो लाख रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने और वहां की नागरिकता दिलाने का झांसा दिया। जब उत्कर्ष ने नागरिकता से इनकार किया तो उसे हत्या की धमकी दी गई।
साइबर शातिरों ने ठगी के लिए लोगों को फांसने के अब नए तरीके ढूंढ लिए हैं। अब स्विटजरलैंड में प्रतिमाह दो लाख रुपये की नौकरी और उसी देश की नागारिकता दिलाने का झांसा देकर युवकों को ठग रहे हैं। इसी तरह का झांसा देकर मुजफ्फरपुर जिले में सदर थाना के भगवानपुर अलकापुरी निवासी उत्कर्ष कुमार से 12.5 लाख रुपये की ठगी की गई है। उत्कर्ष ने इसको लेकर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

उत्कर्ष ने पुलिस को बताया है कि उसके साथ ठगी का सिलसिला 14 दिसंबर 2024 से शुरू हुआ। टेलीग्राम एप पर एक ग्रुप में उसे जोड़ा गया था, जिसमें ऑनलाइन ट्रेडिंग में बड़ी कमाई का लालच दिया गया। इस तरह उसने झांसे में आकर ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू कर दी। हर निवेश पर उसके एप पर अच्छा मुनाफा दिखता रहा। दो माह तक निवेश के बाद उसने कुछ पैसे निकासी करने का प्रयास किया तो एप का खाता फ्रिज बताया।
वह दो हजार रुपये से अधिक की निकासी नहीं कर सका। इसपर उसने रुपये वापस लौटाने का दबाव बनाया तो उसे साइबर शातिरों ने दिल्ली बुलाया। वहां उससे कहा गया कि पांच लाख रुपये एक अन्य एप में निवेश करोगे तो सारा पैसा वापस हो जाएगा। इस तरह पैसा वापसी के लिए उसने दोस्तों से कर्ज लेकर साइबर शातिरों के एप पर निवेश कर दिया। इसके बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले तो संपर्क साधने पर उसे लुधियाना बुलाया गया।
दो लाख प्रतिमाह की नौकरी व विदेशी नागरिकता का दिया झांसा
उत्कर्ष लुधियाना पहुंचा तो उसकी मुलाकात नेमचंद जैन और उसकी पुत्री हिना जैन से कराई गई। दोनों ने उसे स्विटजरलैंड भेज कर वहीं दो लाख रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने और वहां की नागरिकता दिलाने का झांसा दिया। जब उत्कर्ष ने नागरिकता से इनकार किया तो उसे हत्या की धमकी दी गई। उत्कर्ष ने पुलिस को हीना जैन का आधार नंबर भी दिया है। इसके अलावा दो कंपनियों के बैंक खाते का नंबर बताया है, जिसके जरिए साइबर ठगी के रुपये लिए गए थे। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने मामले की जांच की जिम्मेवारी खुद ली है।





