
40 से नीचे दो, 70 से ऊपर भी दो; नीतीश कैबिनेट में मंत्रियों की औसत आयु 57 साल
बिहार में नई नीतीश कैबिनेट में 40 साल से कम उम्र के दो मंत्री हैं, जबकि 70 साल से ज्यादा आयु के भी दो नेता हैं। नीतीश कैबिनेट की औसत आयु 57 साल है। सबसे ज्यादा 11 मंत्रियों की आयु 51 से 60 साल के बीच है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नवगठित कैबिनेट की औसत आयु 57 साल है। मुख्यमंत्री सहित 27 सदस्यीय मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र 34 साल की मंत्री भाजपा की श्रेयसी सिंह बनी हैं, जबकि सबसे उम्रदराज 79 साल के जदयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव मंत्री बने हैं। इस मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र यानी 40 साल से नीचे के आयु वर्ग के दो मंत्री है। इनमें श्रेयसी सिंह के अलावा रालोमो के दीपक प्रकाश का नाम शामिल है। वहीं, सबसे अधिक उम्र यानी 70 साल से ऊपर के आयु वर्ग में भी दो नेता शामिल हैं, इनमें खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा बिजेंद्र प्रसाद यादव का नाम है।
नीतीश कैबिनेट में सबसे अधिक 11 मंत्री 51 से 60 साल के आयु वर्ग के हैं। इनमें दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जमां खान, संजय सिंह टाइगर, रमा निषाद, डॉ. प्रमोद कुमार, संजय कुमार शामिल हैं।
वहीं, 41 से 50 उम्र वर्ग के चार मंत्री हैं। इनमें नितिन नवीन, संतोष कुमार सुमन, लखेंद्र कुमार रौशन और संजय कुमार सिंह शामिल हैं। 61 से 70 साल के आयु वर्ग के आठ मंत्री बने हैं। इनमें विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, दिलीप कुमार जायसवाल, रामकृपाल यादव, सुनील कुमार, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता और नारायण प्रसाद शामिल हैं।
पुराने के अनुभव का लाभ मिलेगा
कम उम्र के मंत्रियों को नवगठित मंत्रिमंडल के पुराने मंत्रियों के अनुभव का लाभ मिलेगा। कैबिनेट की बैठक से लेकर विभागीय समीक्षा और सरकार की नीतियों को धरातल पर उतारने में उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। साथ ही, सदन में सरकार की ओर से सदस्यों को सवालों के जवाब देने में भी पुराने सहयोगी मंत्रियों के अनुभव का लाभ मिलेगा।





