बिहार में 27 फीसदी महिलाएं असुरक्षा और महंगी यात्रा की वजह से छोड़ रही पढ़ाई-नौकरी, रिपोर्ट में खुलासा

हिन्दुस्तान, रिंकू झा, पटना
Follow us on Google News
share

बिहार में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। असुरक्षा और महंगी यात्रा की वजह से महिलाएं यहां परेशान हैं। असुरक्षा की भावना और समय की पाबंदियों के कारण महिलाएं पुरुषों की तुलना में किराए पर सालाना 18,800 रुपये अधिक खर्च करती हैं।

Representative Image
बिहार में महिलाएं नौकरी और पढ़ाई छोड़ रही हैं।

रिपोर्ट: रिंकू झा, पटना, हिन्दुस्तान टीम बिहार में महिलाओं के पढ़ाई और नौकरी छोड़ने की वजहों को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवहन सुविधा का अभाव, महंगे किराए और असुरक्षा के कारण बिहार की 27 फीसदी महिलाएं पढ़ाई छोड़ रही हैं। यही नहीं, महंगे किराए के कारण कई महिलाएं छोटी-मोटी नौकरियां भी छोड़ने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें मिलने वाले वेतन का एक बड़ा हिस्सा आने-जाने पर ही खर्च हो जाता है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और एक निजी एजेंसी एमएससी (माइक्रोसेव कंसल्टिंग) के साझा अध्ययन में ये बातें सामने आई हैं।

अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, असुरक्षा की भावना और समय की पाबंदियों के कारण महिलाएं पुरुषों की तुलना में किराए पर सालाना 18,800 रुपये अधिक खर्च करती हैं। सार्वजनिक परिवहन की बजाय निजी वाहनों, टैक्सी या रिजर्व ऑटो आदि से यात्रा की वजह से उनका खर्च अपेक्षाकृत बढ़ जाता है।

इस वर्ष फरवरी से जून तक यह अध्ययन राज्य के सभी जिलों की शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की करीब पांच लाख महिलाओं के बीच रैंडम आधार पर किया गया। अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, जिन छह शहरों (पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा) में पिंक बस सेवा शुरू की गई है, वहां महिलाएं खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। पिंक बस का किराया कम रहने से महिलाओं के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। इन छह शहरों में पांच फीसदी महिलाओं का भय दूर हुआ है।

पुरुषों की तुलना में 37% कम यात्रा करती हैं महिलाएं

पुरुष जितनी बार यात्रा करते हैं, उसके मुकाबले महिलाओं की कुल आवाजाही 37 फीसदी कम होती है। इनमें से 82 फीसदी यात्राएं काम के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए होती हैं। इनमें घरेलू कामकाज, खरीदारी, बच्चों को स्कूल पहुंचाना और पारिवारिक मेल-मिलाप जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

महिलाओं के ऑटो-टैक्सी चलाने में परंपरा बाधक

महिलाओं के लिए ऑटो या टैक्सी का परिचालन सामाजिक रूप से स्वीकार्य नहीं है। इसी वजह से पिंक बस सेवा के लिए महिला चालक नहीं मिल रही। जून में प्रियंका पांडेय नाम की चालक मिली। पांच महिलाओं को बस चलाने की ट्रेनिंग दी गई है।

आवागमन के दौरान हर चौथा व्यक्ति करता है महिलाओं का उत्पीड़न

यात्रा के दौरान महिलाओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। सार्वजनिक परिवहन में चार में एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में महिलाओं का उत्पीड़न करता है। मुजफ्फरपुर की महिलाएं अधिक असहज और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं।

परिवहन सुविधा की कमी, महंगे किराए और असुरक्षा बड़ी समस्या है। जहां पिंक बस सेवा शुरू है, वहां स्थिति में सुधार हुआ है। लेकिन अब भी 27 % महिलाएं असुरक्षा और महंगे किराए से पढ़ाई और नौकरी छोड़ने को मजबूर हैं। -सोनल जेटली, अध्ययनकर्ता, एमएससी

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar News के साथ-साथ Patna, Muzaffarpur, Bhagalpur और बिहार के अन्य जिलों की ताज़ा खबरें और पटना का मौसम हिंदी में जानने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi NewsBihar Newsबिहार: 27 फीसदी महिलाएं असुरक्षा और महंगी यात्रा की वजह से छोड़ रही पढ़ाई-नौकरी